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22 Feb 2022

वशीकरण साबर मंत्र,षटकर्म भाग-2.

द्वितीय क्रिया शाबर वशीकरण मंत्र




वश्यं जनानां सर्वेषां वात्सल्य हृद्-गतं-स्मृतम् ।

(सांख्यायन तंत्र)


वश्यं जनानां सर्वेषां विधेयत्वमुदीरितम् ।

(उड्डीश तंत्र)


राजअर्थात् जिससे सभी जीवों (स्त्री-पुरुषों) को वश में किया जाता है और सबके हृदय में अपने प्रति वात्सल्य (प्रेम) पैदा किया जाता है उसे वशीकरण कहते हैं। स्त्री-पुरुष वशीकरण, -वशीकरण, आकर्षण, मोहन आदि वश्य-कर्म के भेद हैं।


उपरोक्त मंत्र से यह स्पष्ट है कि वशीकरणा साधना प्रेम की साधना है। संसार के सारे प्राणियों को प्रेम से वश में किया जा सकता है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति काम इत्यादि भाव से अथवा बुरे विचार रखता है तो उसे लाभ के स्थान पर हानि भी हो सकती है। शुद्ध भाव से प्रेम में सफलता राज्यकार्य में सफलता, परिवार में अनुकूलता, मित्रों से सहयोग इत्यादि कार्य हेतु ही यह वशीकरण साधना सम्पन्न करनी चाहिये।


साधना विधान:-


साधक किसी भी माह के शनिवार को रात्रि में 10 बजे के पश्चात् शुद्ध पवित्र होकर पश्चिम दिशा की ओर मुख कर अपने सामने लकड़ी के एक बाजोट पर लाल वस्त्र बिछा दें।


इसके पश्चात साधक अपने सामने रखे बाजोट पर एक सरसों की ढेरी बनाकर उस पर मोहिनी वशीकरण यंत्र स्थापित करें, यंत्र का फोटो व्हाट्सएप पर दिया जाएगा और आपको वैसा ही यंत्र भोजपत्र पर अष्टगंध की स्याही से घर पर ही किसी शुभमुहूर्त में बनाना है । अब यंत्र के सामने सफेद आक की जड़ स्थापित कर दें। साधक जिन व्यक्तियों को अपने वश में करना चाहता है अथवा अपने अनुरूप करना चाहता है उन सभी के नाम एक कागज पर काजल से लिख कर यंत्र के नीचे रख दें। अब साधक यंत्र का पूजन कुंकुम, चावल से करें तथा घी का दीपक जलाएं । इस साधना में विशेष बात यह है कि मंत्र जप दीपक की लो को देखते हु ही करना है। सामान्य साधक के लिये यह संभव नहीं है क्योंकि मंत्र थोड़ा बड़ा है और याद रखना संभव नहीं है। अतः प्रत्येक बार मंत्र जप के पश्चात् दीपक की लौ की ओर अवश्य देख लें। इसके बाद साधक रुद्राक्ष माला से निम्न मंत्र की 1 माला मंत्र जप करें।


मंत्र


।। ॐ नमो आदेश गुरु को,चल चल रे मोहन्या बिर मोहन का काम करने चल अमुक को मेरा मोह लगा मेरे वश में कर सोते सुख ना बैठे सुख फिर फिर देखे मेरा मुख सम्मोहन का बाण चला मेरे से आकर्षित कर इतना काम ना करे तो मांगनी के कुंड में पड़े दुहाई महादेव पार्वती की इतने पर भी काम ना करे तो पिता से वैर करे महादेव की जटा टूट तेरे पर पड़े फुरो बंगाली मंत्र ईश्वरो वाचा छू ।।




मंत्र जप के पश्चात जिस पर वशीकरण क्रिया करनी है उसका नाम लिखा हुआ कागज सफेद आक की जड़ के साथ बांध कर अपने आज्ञा चक्र से 11 बार स्पर्श कराये और मन में यह भावना व्यक्त करें कि इस साधना के फलस्वरूप यह व्यक्ति पूर्ण रूप से मेरे आकर्षण, सम्मोहन, मोहन में मुझसे बंध जाये ।


यह साधना उतने दिनों तक कर सकते हैं, जब तक पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं हो तथा 21 दिन बाद सफेद आक की जड़ को माला सहित जल में प्रवाहित कर दें।



नोट: मोहिनी वशीकरण यंत्र का फ़ोटो व्हाट्सएप पर निःशुल्क दिया जाएगा,इस यंत्र को आपको स्वयं बनाना है ।


Contact and whatsapp number

+91 8421522368



आदेश......

30 Mar 2016

सफल वशीकरण मंत्र प्रयोग.

ये सबसे प्राचीन वशीकरण प्रयोग है। जिसे मैने कई लोगो को बताया और इसका उनको सफल परिणाम प्राप्त हुआ । मै यही पर पुरा विधि-विधान देना चाहता था परंतु सोशल नेटवर्किंग पर कुछ नाजायज तांत्रिक है "जो यहा से पोस्ट को चुराते है और फेसबुक & व्हाटस्-अप पर डाल देते है",वैसे इन चोरो को आता तो कुछ नही है फिर भी स्वयं को तंत्र के क्षेत्र मे नाम बनाने हेतु चोरीया करने मे इनका डॉक्टरेट है। आनेवाले समय मे ये सभी चोर तंत्र का नाम डुबोने वाले है,कुछ साधना ये लोग भी करे तो इनको चोरी करने का काम नही पडेगा ।

यह लौंग (Loung) के माध्यम से किया जानेवाला वशीकरण क्रिया है। सही तरिके से किया जाये तो निच्छित सफलता प्राप्त होता है। लौंग मे वशीकरण करने के गुण होते है,सिर्फ लौंग का इस्तेमाल करते आना जरुरी है। यह प्रयोग उन व्यक्तिओ के लिये उत्तम है जो पत्निपिडीत है,जिनका जिवन नर्क बन गया हो उन्हे इससे अच्छा प्रयोग नही मिलेगा। परंतु जो पति अपने पत्नी को छोड़कर बाहरी स्त्रियों से सम्बन्ध बनाने हेतु प्रयोग करना चाहता हो तो "उन्हे इस प्रयोग से नुकसान ही होगा,फायदे की तो सोचना भी मत"।

मै ये प्रयोग इस लिये दे रहा क्युके आज के जमाने मे कई स्त्रियों को मैने अन्य पुरुषो के साथ भटकते हुए देखा है,हो सकता है वो दोनो अच्छे मित्र हो परंतु कुछ ओर भी सम्बन्ध हो सकते है,तो येसे समय मे पत्नी को तलाक देने से अच्छा उसे वश मे रखा जाये तो परिवार मे खुशियाँ बनी रहेगी। मित्रो आजकल इस दुनिया मे क्या चल रहा है ये तो सभी जानते है,यहा आज बात पुरुषों के हित की हो रही है परंतु स्त्रियों के हित के लिये भी आनेवाले समय मे साधना प्रयोग दिया जायेगा।




साधना विधि:-


किसी भी अमावस्या के दिन सुबह 9 बजे से पहिले स्नान करके एक कांच के शीशी (glass bottle) मे अपना विर्य (हस्तमैथुन क्रिया करके ) डाले और उसमे 7 साबुत लौंग डालकर शीशी का मुह झक्कन लगाकर बंद करदे । इस शीशी को येसे जगह घर मे कई छुपाया जाये "जहा सुर्य की रोशनी ना पडे और शीशी को कोई देख ना सके",इस शीशी को अगले अमावस्या तक छुपाके रखना जरूरी है। एक महीने बाद लौंग सुख जायेगी तो लौंग को शीशी मे से निकालकर अपने पास सुरक्षित रखें। अब रात मे 9 बजे के बाद एक मिट्टी के दिये मे कुछ कपुर का टिकिया जलाकर अग्नि प्रज्वलित करें। प्रत्येक लौंग पर 11 बार मंत्र बोलकर एक फुंक लगाये फिर लौंग को अग्नि मे डाल दे,लौंग अग्नि मे डालते समय मन मे यह भावना होना जरुरी है "मेरी पत्नी मुझसे बहोत प्रेम करती रहे और उसे मै जो भी कार्य करने को बोलु तो वह वही कार्य करे"। इस प्रकार से सातो लौंग पर मंत्र जाप करके अग्नि मे डालना है,अग्नि बुझने के बाद लौंग का राख (बभुत) तय्यार होगा । अब ये राख अपने पत्नी को किसी भी खाने-पिने के वस्तु मे डालकर खिला दिया जाये तो 3-7 दिनो मे आपको सफल वशीकरण का प्रभाव देखने मिलेगा ( जब पत्नी को मासिक धर्म चल रहा हो तब गलती से भी राख ना खिलाये) ।


सफल वशीकरण क्रिया को पुर्ण विधी के साथ दिया है परंतु मंत्र अधूरा दे रहा हूं। पुर्ण मंत्र आपको ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होगा। मंत्र उसे ही दिया जायेगा जो इस बात का प्रमाण दे सके "वह शादि-शुदा है और अपने पत्नी के लिये प्रयोग करना चाहता हो"।अन्य लोग प्रयोग प्राप्त करने के लिये अपना समय बरबाद ना करें।


इस मंत्र को सिद्ध करना बहोत आसान है। यह मंत्र किसी भी शुक्रवार से मंगलवार तक 108 बार जाप करने से सिद्ध हो जाता है।

इस मंत्र को किसी किताब मे तलाश ना करे,यह अप्रकाशित मंत्र है जो गुरुमुख से सामाजिक कल्याण हेतु प्राप्त होता है।



मंत्र:-

।। काला चले काली रात,मद के प्याले पिये,स्मशान के बादशाह मेरा एक काम करे,मेरे पत्नी को वश मे कर दे ******************************* उसके दिलो-दिमाग मे मोहब्बत जगादे,मेरा इतना काम ना करे तो************************** ।।





यह मंत्र अचुक कार्य करता है इसलिये इस प्रयोग को सफल वशीकरण प्रयोग कहा जाता है।

आदेश.....

3 Mar 2016

बगलामुखी वशीकरण प्रयोग.

भगवती बगलामुखी की उपासना कलियुग में सभी कष्टों एवं दुखों से मुक्ति प्रदान करने वाली है। संसार में कोई कष्ट अथवा दुख ऐसा नही है जो भगवती पीताम्बरा की सेवा एवं उपासना से दूर ना हो सकता हो, बस साधकों को चाहिए कि धैर्य पूर्वक प्रतिक्षण भगवती की सेवा करते रहें।

भगवती पीताम्बरा इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को चलाने वाली शक्ति हैं। नवग्रहों को भगवती के द्वारा ही विभिन्न कार्य सौपे गये हैं जिनका वो पालन करते हैं। नवग्रह स्वयं भगवती की सेवा में सदैव उपस्थित रहते हैं। जब साधक भगवती की उपसना करता है तो उसे नवग्रहों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि साधक को उसके कर्मानुसार कहीं पर दण्ड भी मिलना होता है तो वह दण्ड भी भगवती की कृपा से न्यून हो जाता है एवं जगदम्बा अपने प्रिय भक्त को इतना साहस प्रदान करती हैं कि वह दण्ड साधक को प्रभवित नही कर पाता। इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में कोई भी इतना शक्तिवान नही है जो जगदम्बा कें भक्तो का एक बाल भी बांका कर सके। कहने का तात्पर्य यह है कि कारण चाहें कुछ भी हो भगवती बगलामुखी की उपासना आपको किसी भी प्रकार की समस्या से मुक्त करा सकती है।



दस महाविद्याओं में भी बगलामुखी के बारे में विशेष लिखा गया है और कहा गया है कि यह शिव की त्रि-शक्ति है –

"सत्य काली च श्री विद्या कमला भुवनेश्वरी।
सिद्ध विद्या महेशनि त्रिशक्तिबर्गला शिवे॥"

दुर्लभ ग्रंथ ‘मंत्र महार्णव’ में भी लिखा है कि –

"ब्रह्मास्त्रं च प्रवक्ष्यामि सदयः प्रत्यय कारणम।
यस्य स्मरण मात्रेण पवनोऽपि स्थिरायते॥"

बगलामुखी मंत्र को सिद्ध करने के बाद मात्र स्मरण से ही प्रचण्ड पवन भी स्थिर हो जाता है। भगवती बगलामुखी को ‘पीताम्बरा’ भी कहा गया है। इसलिए इनकी साधना में पीले वस्त्रों, पीले फूलों व पीले रंग का विशेष महत्व है किन्तु साधक के मन में यह प्रश्न उठता है, कि इस सर्वाधिक प्रचण्ड महाविद्या भगवती बगलामुखी का विशेषण पीताम्बरा क्यों? वह इसलिए कि यह पीताम्बर पटधारी भगवान् श्रीमन्नारायण की अमोघ शक्ति, उनकी शक्तिमयी सहचरी हैं।
सांख्यायन तन्त्र के अनुसार बगलामुखी को सिद्घ विद्या कहा गया है।

तंत्र शास्त्र में इसे ब्रह्मास्त्र, स्तंभिनी विद्या, मंत्र संजीवनी विद्या तथा प्राणी प्रज्ञापहारका एवं षट्कर्माधार विद्या के नाम से भी अभिहित किया गया है। सांख्यायन तंत्र के अनुसार कलौ जागर्ति पीताम्बरा अर्थात् कलियुग के तमाम संकटों के निराकरण में भगवती पीताम्बरा की साधना उत्तम मानी गई है। अतः आधि व्याधि से त्रस्त मानव मां पीताम्बरा की साधना कर अत्यन्त विस्मयोत्पादक अलौकिक सिद्घियों को अर्जित कर अपनी समस्त अभिलाषाओं को पूर्ण कर सकता है।
बगलामुखी के ध्यान में बताया गया है कि –

"ये सुधा समुद्र के मध्य स्थित मणिमय मंडप में रत्नमय सिंहासन पर विराजमान हैं। ये पीत वर्ण के वस्त्र, पीत आभूषण तथा पीले पुष्पों की माला धारण करती हैंं इनके एक हाथ में शत्रु की जिह्वा और दूसरे हाथ में मुद्गर है।"

इन्हीं की शक्ति पर तीनों लोक टिके हुए हैं। विष्णु पत्नी सारे जगत की अधिष्ठात्री ब्रह्म स्वरूप हैं। तंत्र में शक्ति के इसी रूप को श्री बगलामुखी महाविद्या कहा गया है।
इनका आविर्भाव प्रथम युग में बताया गया है।



बगलामुखी महाविद्या दस महाविद्याओं में से एक हैं। इन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या, षड्कर्माधार विद्या, स्तम्भिनी विद्या, त्रैलोक्य स्तम्भिनी विद्या आदि नामों से भी जाना जाता है। माता बगलामुखी साधक के मनोरथों को पूरा करती हैं। जो व्यक्ति मां बगलामुखी की पूजा-उपासना करता है, उसका अहित या अनीष्ट चाहने वालों का शमन स्वतः ही हो जाता है। मां भगवती बगलामुखी की साधना से व्यक्ति स्तंभन, आकर्षण, वशीकरण, विद्वेषण, मारण, उच्चाटन आदि के साथ अपनी मनचाही कामनाओं की पूर्ति करने में समर्थ होता है।

आज मै यहा बगलामुखी माता का एक अचुक वशीकरण प्रयोग दे रहा हूं। यह साधना प्रयोग अत्यंत तिष्ण है,इसका वार कभी खाली नही जाता है,यह बहोत साधको का अनुभव है। इसमें बगलामुखी वशीकरण यंत्र और माला साधक के पास होना आवश्यक है। इस साधना को किसी भी पक्ष के मंगलवार से कर सकते है परंतु होली/ग्रहण/दीपावाली/दशेहरा/बगलामुखी जयंती पर यह विधान करने से शिघ्र सफलता मिलता है। इस साधना को पुरुष/महिलाएं कर सकते है। साधना रात्रिकालीन है,इसमे रोज 11 माला जाप कार्यपुर्ती होने तक करें।





साधना विधि:-


साधक को माता बगलामुखी की पूजा में पीले वस्त्र धारण करना चाहिए।रात्रि मे स्नान करके उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवती बगलामुखी का चित्र और वशीकरण यंत्र स्थापित करें। इसके बाद आचमन कर हाथ धोएं। आसन पुजन,घी का दीप प्रज्जवलन के बाद हाथ में पीले चावल(हल्दि से रंगे हुए), हरिद्रा, पीले फूल और दक्षिणा लेकर इस प्रकार संकल्प करें-


।।ॐ  विष्णुर्विष्णुर्विष्णु: अद्य……(अपने गोत्र का नाम) गोत्रोत्पन्नोहं ……(नाम) नाम: मम प्रिय अमुक(जिसका वशीकरण करना है,उसका नाम) व्यक्ति विशेष वशीकरण हेतु बगलामुखी वशीकरण मंत्र जाप एवं पूजनमहं करिष्ये।तदगंत्वेन अभीष्टनिर्वघ्नतया सिद्ध्यर्थं आदौ: गणेशादयानां पूजनं करिष्ये ।।


इसके बाद भगवान श्रीगणेश का पूजन करें।नीचे लिखे मंत्रों से मंत्र बोलते हुए मानसिक रुप से गौरी आदि षोडशमातृकाओं का पूजन करें-


गौरी पद्मा शचीमेधा सावित्री विजया जया।
देवसेना स्वधा स्वाहा मातरो लोक मातर:।।
धृति: पुष्टिस्तथातुष्टिरात्मन: कुलदेवता।
गणेशेनाधिकाह्योता वृद्धौ पूज्याश्च षोडश।।

इसके बाद यंत्र और चित्र पर गंध, चावल व फूल अर्पित करें ।



अब देवी का हाथ जोड़कर ध्यान करें इस प्रकार…..

सौवर्णामनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लसिनीम्हेमावांगरूचि शशांक मुकुटां सच्चम्पकस्रग्युताम्हस्तैर्मुद़गर पाशवज्ररसना सम्बि भ्रति भूषणैव्याप्तांगी बगलामुखी त्रिजगतां सस्तम्भिनौ चिन्तयेत ।।



तत्पश्चात इस मंत्र का जप करते हुए देवी बगलामुखी का आवाहन करें-

नमस्ते बगलादेवी जिह्वा स्तम्भनकारिणीम्।
भजेहं शत्रुनाशार्थं मदिरा सक्त मानसम्।।




आवाहन के बाद उन्हें एक फूल अर्पित कर आसन प्रदान करें और जल के छींटे देकर स्नान करवाएं व अब इस प्रकार से बगलामुखी वशीकरण यंत्र पूजन करें-

गंध- ॐ बगलादेव्यै नम: गंधाक्षत समर्पयामि।
मंत्र का उच्चारण करते हुए बगलामुखी देवी को पीला चंदन/हल्दि लगाएं ।

पुष्प- ॐ बगलादेव्यै नम: पुष्पाणि समर्पयामि।
मंत्र का उच्चारण करते हुए बगलामुखी देवी को पीले फूल चढ़ाएं।

धूप- ॐ बगलादेव्यै नम: धूपंआघ्रापयामि।
मंत्र का उच्चारण करते हुए बगलामुखी देवी को धूप दिखाएं।

दीप- ॐ बगलादेव्यै नम: दीपं दर्शयामि।
मंत्र का उच्चारण करते हुए बगलामुखी देवी को दीपक दिखाएं।

नैवेद्य- ॐ बगलादेव्यै नम: नैवेद्य निवेदयामि।
मंत्र का उच्चारण करते हुए बगलामुखी देवी को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।



अब इस प्रकार प्रार्थना करें-

जिह्वाग्रमादाय करणे देवीं, वामेन शत्रून परिपीडयन्ताम्।
गदाभिघातेन च दक्षिणेन पीताम्बराढ्यां द्विभुजां नमामि।।



बगलामुखी वशीकरण मंत्र:-

।। ॐ बगलामुखी सर्व स्त्री ह्रदयं मम् वश्यं कुरू ऐं ह्रीं  स्वाहा ।।

om bagalaamukhi sarv stree hridayam mam vashyam kuru aim hreem swaahaa



इस मंत्र मे "सर्व" के जगह पर उस व्यक्ति का नाम लेना है,जिसका आप वशीकरण करना चाहते है। कोई स्त्री किसी पुरुष को वशीकरण करना चाहती हो तो मंत्र मे "स्त्री" के जगह पर "पुरुष" शब्द का उच्चारण करें।


इस तरहा से पुजन और मंत्र जाप करने से मनचाहे व्यक्ति का वशीकरण होता है। साधना के कुछ नियम है जिसे याद रखना जरुरी है। साधना काल मे ब्रम्हचैर्यत्व का पालन करे,झुट बोलने से बचे,जमिन पर ही गद्दी डालकर सोना है,हो सके तो साधना काल मे एक समय भोजन करे,किसी भी स्त्री/पुरुष के प्रती अच्छे नजर से देखे मतलब मन मे कामुकता ना आये। इन नियम को पालन करने से सफलता प्राप्त होता है। बगलामुखी वशीकरण यंत्र और माला के शक्ति से आपका कार्य शिघ्र होना सम्भव है।




अब देवि से क्षमा प्रार्थना करें-

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि।।
मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।
यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे।।






आदेश......

17 Jan 2016

सफल वशीकरण साधना.

आज एक सच्चि प्रेम कहानी लिख रहा हू,जो मेरे मित्र की है और यहा पर उनके काल्पनिक नाम दे रहा हू ताकि उसको तकलीफ ना हो । मेरा मित्र राज अपने कॉलेज कि फ्रेंड से बहोत प्यार करता था और उसका एक ही स्वप्न था के शादि करुगा तो सिर्फ प्रिया से ही करुगा । प्रिया वो लडकि है जिसके कई दिवाने थे परंतु वो भी किसी से प्रेम करती थी और ये बात तब पता चलि जब राज ने प्रिया से अपने मोहब्बत का इजहार किया । जब राज को पता चला के प्रिया किसी और से प्रेम करती है तो ये बात उसे बहोत ज्यादा परेशान करने लगी । एक दिन हमारा मुलाकात हुआ,तब मैने राज के उदास चेहरे को देखकर उसके परेशानी का कारण पुछा तो उसने मुझे सारी हकिकत बया कर दी । तब मैने उसको समझाया "प्रिया येसी लड़की नही है,वो तुझे टालने के लिये शायद येसा बोल रही है",ये सुन कर तो राज बहोत खुश हुआ।

अब राज का शादी करने का इरादा पक्का हो गया और उसने फिर से एक बार प्रिया से दोस्ती कर ली। अब राज और प्रिया की दोस्ती से एक-दुसरे को समझने लग गये थे। उनकी दोस्ती भी कुछ खास होने लग गयी तब प्रिया ने उसे खुद के सपने के बारे मे बताया जैसे "उसके पिता  एक येसे लडके से उसका शादी करवाना चाहते है जो सरकारी नौकरी करता हो",इस बात से राज ने भी पढाई के तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया। उसे लगा शायद प्रिया के दिल मे ये बात है "राज अच्छि नौकरी पर लग जाये और फिर वो दोनो माता-पिता के आशिर्वाद से शादी कर सके"। इसलिये राज बहोत मेहनत करने मे लग गया और प्रिया तो पढाई मे पहिले से ही बहोत मेहनत करती थी ।

राज के जिंदगी मे एक येसा दिन आया के प्रिया को सरकारी नौकरी मिल गयी और राज चिंता के दुनिया मे फस गया । अब राज के मन मे डर पैदा हो गया कही अब प्रिया के पिता उसका शादी ना करवा दे?,इस डर के वजेसे से राज ने तांत्रिकों का सहारा लेना शुरू कर दिया के "प्रिया का शादी ना हो",इस चक्कर मे राज को कईयो ने लुट लिया। जब उसके पिता अपने बेटी की शादी ही नही करवाना चाहते थे तो उसका शादी कैसे होगा,परंतु राज ने डर के मारे खुद को परेशानी मे डाल दिया था। इधर राज की मेहनत तो चल रही थी,अब उसको प्रिया पर शक करने का बिमारी भी शुरू हो गया जिसके कारण अब वो स्वयं दुसरे परेशानी मे फस गया ।
ना जाने उसको कहा से मेरा याद आया और उसने मुझसे सम्पर्क करके सारी बाते बता दि,उसके बातो को सुनकर मैने उसे वचन दिया के तेरा शादी हर हाल मे प्रिया से ही होगा। इस बात को सुनकर राज ने पढाई मे अपना 100% दिया और उसको भी 5-6 महिने मे प्रिया से भी अच्छि सरकारी नौकरी मिल गयी। इस नौकरी को पाने के लिये राज और प्रिया के दोस्ती मे करिबन दो वर्ष तक कुछ हद तक एक-दुसरे से दुरीया बढी हुयी थी,वो दोनो एक-दुसरे को 6 वर्ष से जानते थे । इस दो वर्ष के दुरी मे कही ना कही प्रिया के दिल से राज दुर ही हो रहा था और इसी समय के बीच प्रिया के जिवन मे अजय ने प्रिया के दिल मे जगह बनायी थी ।अजय भी इन दोनो का मित्र था परंतु उसे राज और प्रिया के प्रेम कहानी के बारे मे कुछ नही पता था ।

एक दिन राज को पता चला के अजय के पिताजी प्रिया के घर जाने वाले है "प्रिया और अजय के शादी के रिश्ते की बात करने के लिये",तो राज को जबरदस्त सदमा पहोचा और वो तुरंत अजय से मिलने चला गया ।राज और अजय ने अपनी-अपनी प्रेम कहानी बतायी,एक दुसरे को प्रूफ भी दिये तो ये सब होने के बाद अजय ने प्रिया से रिश्ता तोड़ दिया । प्रिया को पता चल गया के उसका पर्दाफाश हो गया है,क्युके प्रिया ने दोनो को शादी के सपने दिखाये थे। वो अजय के पास का पैसा देखकर उसीसे शादी करना चाहती थी और वो भी राज को अंधेरे मे रखते हुए ताकि राज किसीको प्रिया का  भुतकाल ना बताये,उसका शादी आसानी से हो जाये ।

सभी प्रिया को अच्छि लडकी समझते थे परंतु प्रिया एक चालाक लड़की थी,जो दिखने मे कुछ अलग और दिल से कुछ अलग थी। ये सब होने के बाद भी राज प्रिया से शादी करने के लिये तय्यार था परंतु प्रिया के मन मे राज के प्रति क्रोध निर्मित हुआ था । प्रिया ने तो कसम खा लिया था "मरना पसंद है परंतु राज से शादी नही करुगी ",प्रिया ने दो तरफा खेल खेला फिर भी राज के दिल मे प्रिया के लिये उतना ही प्रेम था।

राज मेरे पास आया और रोते हुये अपना कहानी बता दिया। उसको मैने दिया हुआ वचन याद था और वो वचन निभाने के लिये मुझसे बार बार निवेदन कर रहा था राज का सच्चा प्रेम देखकर मैने राज को बगलामुखी माता का एक तिव्र वशीकरण साधना दिया था। इस साधना को राज ने पुर्ण विश्वास के साथ सम्पन्न किया था और माॅ बगलामुखी जी के आशिर्वाद से 14 डिसेम्बर 2015 को उनका विवाह सम्पन्न हुआ।

मै जानता हू कुछ प्रेम कहानियाँ इससे भी ज्यादा भयंकर है जिसमें लड़के और लड़कीया बहोत ज्यादा परेशान है। उनका मन दुनिया के किसी भी काम मे नही लग रहा है,सिर्फ आंखों मे आसु ही बचे है अब उनके जिवन मे और असफलता के कारण कुछ लोगो का जिंदा रहेना भी मुश्किल होते जा रहा है। अब चिंता की कोइ बात नही,उस समय मैने राज को "बगलामुखी सम्मोहन यंत्र के साथ माला" दिया था और तिव्र वशीकरण मंत्र दिया था,जिसका असर देखने मिलता है। मै कोशिश करुगा "आप जैसे सच्चा प्रेम करने वाले प्रेमवीरो को भी बगलामुखी यंत्र के साथ माला का भी व्यवस्था करवा दू",बहोत कम रुपये मे सामग्री दुगा परंतु प्रयोग किसी और के प्रेमि/प्रेमिका पर मत करना । बगलामुखी सम्मोहन यंत्र 750/-रुपये मे निर्मित होगा और माला 300 मे प्रप्त होगा,80-100 रुपया कुरियर से भेजने हेतु लगेगा,50 रुपये चार्जेस बैंक मे मनी ट्रांसफर मे लगेगा,इस तरहा से कुल 1200/- रुपये के धनराशि मे आपको साधना सामग्रि प्राप्त होगा।

मै चाहता तो अपने इस आर्टिकल मे मंत्र-विधान भी दे सकता था परंतु "मै कुछ भी लिखु तो उस आर्टिकल को लोग अपने नाम से अपने मोबाइल नम्बर के साथ फेसबुक और व्हाट्स अप पर छाप देते है",दो चार लोग येसा करते तो ठिक था,परंतु चोरो का तो एक महान ग्रुप है जिसमें शायद 100 से ज्यादा लोग है,जिनका काम यही है "दुसरे के ग्यान को चुराकर,अपनी वाह वाही प्राप्त करना",येसे मुर्ख किसी गंदे गर्भ से ही जन्म लेते है। जिनको अपने सही पिता कोन है? इसका भी ग्यान नही होता है,मै सोच रहा हु "अब इन चोरो के खिलाफ सख्त कार्यवाही कि जाये।

चिंताओं को त्याग दिजीये और जिवन मे आगे बढ़ने का प्रयास करे। अंततः सभी दुखो का नाश अवश्य ही होगा,आपका बार बार प्रयास करना ही आपको सफलतापूर्वक जीवन जिना सिखा सकता है।




Captivate successful practice.

Today I am writing a Schci love story, which my friend and I am here to give their fancy name so do not hurt him. More secrets of his college friend of mine that was extremely loved and his dream of a nubile Kruga Kruga the only beloved. Priya Ldki which he was mad, but she made love with someone and then find out that the corrugation when Priya Raj expressed his love. The secret revealed when someone is in love with Priya garner started bothering him, I see. We had met a day, then I saw the sad face of the secret cause of his trouble, he asked me the whole process has Hkikt. Then I explained to him, "Priya Yesi is not the girl, she probably Yesa is telling you to avoid", to hear what the secret was extremely happy.

Raj now cracked and he intended to marry once again befriended beloved. Now Raj and Priya's friendship had started understanding each other. Their friendship seemed to be too much beloved and told him about the dreams of himself as "her father married her to a Yese guys who want to be a government job", this rule too little attention to education started. It probably took him beloved in the heart of the matter "rule should look at the job properly 'and then he could marry the blessings of both parents". Raj and Priya therefore extremely hard to look in the preform in the studies was the extremely hard.

Yesa came a day in the life of the Kingdom of the Beloved government found work and was stuck in the secret world of anxiety. Now the rule was causing fear in the minds of not marrying now finds his beloved father?, The fear Vjese started to resort to the rule of the healers "do not marry Priya", in this affair secret Kiyo He was plundered. When his father married his daughter wanted to not only how his marriage, but Raj was afraid to put himself in trouble. However, if there was work to rule, now her beloved has also begun to suspect the disease because of which he himself was stuck in another hassle.

He remembered me and he said not to contact me and tell me all the things, the things I had promised her to hear your marriage in any case will have to Priya. Listening to this rule in the study had a 100% and he got a government job properly 'by Priya in 5-6 months. Raj and Priya's friendship to get this job in two years Kribn Duriya increased somewhat from each other posed, they both knew each other for 6 years. Priya was not mentioned in the two-year distance from the heart of the rule was to eliminate the time and in the Life of Priya Priya Ajay had made a place in the heart of the Kajay was also a friend of the two, but her secret and beloved knew nothing about the love story.

Ajay Raj revealed one day to the house of the Father's beloved "Priya and Ajay's marriage to speak of" the secret Phocha tremendous shock and he immediately went to meet Ajay and Ajay Kraj tells their love story, also gave proof to each other after all these broke Priya Ajay. Priya finds out he has been exposed to, both Kyuke Priya wedding dreams were shown. He wanted to marry Ajay Usise see the money and keeping it secret so that the darkness Priya Raj backwards not tell anyone, even if his marriage with ease.

Priya but Priya knew all the girls properly 'was a clever girl, who was looking for something different in a different and heart. After all the Kingdom was prepared to marry Priya Priya but anger towards the rule in mind was constructed. Priya then took an oath "to die, but not married to Raj Krugi", two sided game Priya Priya yet to rule on the heart was much loved.

Raj came to me and were crying and told his story. I remember the promise I made him promise to be fulfilled, and he asked me again and again was the rule at the mercy of Mother bagalamukhi secret I had a Tiwr captivate practice. The cultivation was performed with confidence and absolutely Raj ji blessings of Maa bagalamukhi 14 December 2015. Their marriage took place.

I am aware that some love stories even more fierce and Ldkiya garner the boy is upset. Any work not in the mind of the world looks, just snap in the left eye is now in the Life and the failure of some people alive, sites have to be too difficult. Now, no matter of concern not, then I rule "bagalamukhi wreath with hypnosis instrument" and had had spells Tiwr captivate, whose impact is. I try Kruga "true love like that you also bagalamukhi Premviro arrangements of beads with mesh Du", bringing in bucks less material use Duga but anyone Premi / girlfriend do not. Bagalamukhi hypnosis equipment 750 / -rupye be built on and will win the series in 300, 80-100 rupee will take to send by courier, charges 50 bucks in the bank will take in money transfer, the Trha total 1200 / - worth funding the cultivation Samgri will receive.

So in this article I want to give legislation could spell but "I have nothing Likhu their name to that article Facebook with their mobile number and give the impression to the What's Up", two to four people, so bad to Yesa was, however, a great group of Choro which is probably more than 100 people, whose job is it "stole another's knowledge, to get your wow suit", Yese fool is delivered by a dirty womb. Who is your father all right? It also is not knowledge, I wondered myself "now that should take firm action against these Choro.

Enter a renunciation concerns and to try to move forward in Life. Eventually all grieves must be destroyed, you must try again Jina life can teach you successfully.





आदेश.......

8 Jan 2016

प्रेमि/पति वशीकरण.

आज के समय मे महिलाओं के साथ प्यार मे धोखा खाना येसे किस्से बहोत ज्यादा बढ रहे है। बहोत से येसे लड़के है जिन्होने लड़की से शादी का वादा करके उनसे एक अलग रिश्ता बनाकर उनको छोड़ दिया है। येसे मे लड़कीया परेशान हो जाति है और रोती रहेती है। मै सिर्फ यहा लड़कीयो का बात नही बता रहा हु अपितु येसा लडको के साथ भी हो रहा है। परंतु आज सिर्फ महिलाओं के लिये यह पोस्ट है।

शुरुआत होती है एक सच्चे प्यार के तलाश से और अचानक एक दिन कोइ लड़का जीवन मे आजाता है। पहिले ही नजर मे लड़की को लड़का अच्छा लगने लगता है। तब उनको ये नही पता होता है के लड़का कैसा है या फिर कभी कभी लड़का पहेचान का भी होता है और लड़कीया उसे अपना दिल दे बैठती है। एक समय येसा आता है जब सब कुछ अच्छा चल रहा होता है तो लडका एकदम से बदल जाता है। लड़की का फोन नही उठाता और नाही उसके किसी मेसेज का जवाब देता है। तो तब लड़कीया अंदर से टुट जाति है। अपने आपको एकेला महेसुस करती है,उसके बुरे बर्ताव से चिंतीत होती है,एकेले रहेते हुये रोना शुरु कर देती है। जब के कइ लड़कीया अपने प्रेमी को तन-मन-धन से उसे सब कुछ देकर प्यार करती है परंतु एक दिन वही लडका अपनी प्रेमिका को सपने दिखाकर उसे छोड़ देता है। सबसे पहिली बात जब तक लड़का शादी नही करता तब तक उन्हे छुने ना दे तो वो सही मे कितना सच्चे दिल से आपको चाहता है इसकी जानकारी आपको मिलेगी ।

जब रिश्ता टुट चुका हो तो इन बातो का अब कोइ अर्थ नही बचता है इसलिये अगला सही कदम यही है उसे तंत्र के माध्यम से अपने पास वापिस बुलाना है।आज मै जो बता रहा हू इससे लड़कीयो को उनका प्यार फिर से वापिस मिलेगा। ये वशीकरण के माध्यम से सम्भव है जिससे आपका प्रेमि/पति आपसे फिर दिल से प्यार करेगा और आपके साथ रहेगा ।आगे जिवन मे आपको कभी धोखा नही देगा और किसी दुसरी औरत के चक्कर मे भी नही फसेगा ।

यहा पर एक वशीकरण का विधान दे रहा हू जो महिलाओं के लिये अचुक प्रयोग है। साथ मे आप अपना फोटो,जन्म तारीख़,समय और स्थान मुझे ई-मेल amannikhil011@gmail.com पर मेल करके भेज दिजीये ताकि मै अपने तरफ से भी आपके सफलता हेतु प्रयास कर सकु । मै अपने तरफ से आपकि निशुल्क मे मदत कर रहा हु इसलिये आप मन मे येसा भ्रम ना रखे के "मै आपसे धनराशि लुगा ",ये आपके तकलिफ को कम करने हेतु मेरा एक छोटासा प्रयास है।


मंत्र-

।। ॐ चामुंडा देवी "अमुक" मे वश्यं कुरू कुरू स्वाहा ।।

om chaamundaa devi amuk me vashyam kuru kuru swaahaa

example: ।। ॐ चामुंडा देवी "रणबीर ऋषि कपुर" मे वश्यं कुरू कुरू स्वाहा ।।



इस मंत्र मे "अमुक" के जगह पर जिसे वश करना है उनका नाम लेकर मंत्र जाप करे।माला (लाल मुंगा) लाल रंग कि हो और आसन वस्त्र भी लाल रंग के हो । दिशा दक्षिण मतलब दक्षिण दिशा के तरफ मुख करके रात्रि मे जाप करना है। रात मे 9 बजे के बाद जाप करें। कम से कम मंत्र का जाप नित्य 11 दिनो तक 1 घण्टे तक करना जरुरी है। पहिले दिन मंत्र जाप से पहिले 11 बार मंत्र बोलकर एक अनार चाकु से काटना है और यही क्रिया आखिरी दिन मतलब 11 वे दिन मंत्र जाप पुर्ण होने के बाद करना है। अनार को दुसरे दिन किसी पिपल के पेड़ के निचे रखकर बिना पिछे मुडे घर पर वापिस आजाना है। साधना आनेवाले मंगलवार से शुरु किजीये ।

आप सिर्फ इतना किजीये बाकि क्रियाएँ मै स्वयं आपके लिये कर रहा हु। आप यह साधना करे तो अवश्य ही आपको सफलता मिल सकती है।



मातारानी आपको सफलता प्रदान करे यही मंगलकामना करता हूं।



Lover / husband Captivate.

In today's times cheated in love with women garner What is growing. The  boy who is extremely promising to marry them by making them a different relationship left. In this race girls upset and crying gravis. I was not just talking here of girls but also with boys . But today just for women it is posted.

There is the beginning of a search for true love in life and suddenly one day no boy Builders. Girl on first glance may seem to be a good boy. Then the boy how he would know whether or not they sometimes have the boy's identification and girls give him your heart sinks. Yesa a time when everything is going great with the boy suddenly turns. Not take the girl's phone and not her answer to a message. So then snapped inside girls race. Alone is experience  himself, is worried by his bad behavior, are prone experience is started crying. When many of girls money whenever your boyfriend loves giving her everything, but one day that dream boy showing his girlfriend leaves him. The first thing the guy does not get married until then he is not touching them on the right so fervently wants the information you will receive.

If the relationship has snapped not sense any longer survives because of these things is the next right step through her system to call back today I am telling you it will girls his love back again. It is possible that through captivate your Premi / spouse will love you again and your heart will be with you in Life Kage will not lie and not covered under the other woman Fsega affair.

who is here to give a Captivate legislation is used for women . On with your photo, birth date, time and location by mail, send me e-mail at amannikhil011@gmail.com Unlock move so I logically tried his behalf for your success. I'm lenders on your behalf yours free this confusion occurred because you do not keep in mind the "I ask you cleves funds", the effort to reduce problem mine is a small effort.

mantra

om chaamundaa devi amuk me vashyam kuru kuru swaahaa

In the mantra "so and so" the place which is to tame chanting his name Krekmala (red Munga) and seat wear that red is too red. On the south side of the south means the home is chanting in the night. In the night after 9 pm chant. Chant at least 1 hour to 11 days is necessary to continually. Voice chanting the mantra 11 times before the first day of the pomegranate cutting knife and the action means the last day of the 11th day after chanting absolutely have to. By the bottom of the second day to a pomegranate tree without People Are Ajana behind is turned back at home. Silence falls Kijiye starting from Tuesday.

You just rest Kijiye Activities Who am I for you self. If you must, you may find success is to practice it.

Goddess bless the benediction do you success.



आदेश......

18 Dec 2015

सिद्ध वशीकरण काजल.

सबसे पहले आप ये जान लें कि वशीकरण का अर्थ होता है दूसरे व्यक्ति को अपने मनोनुकूल बनाना यानि ऐसा इंसान जिस पर वशीकरण का प्रयोग किया जाता है, उसे आपकी हर बात को मानना ही होता है भले ही ऐसा करने से उसका नुकसान क्यों न हो रहा हो।

किंतु ध्यान रहे इस विधि का दुरुपयोग के लिए प्रयोग निषिद्ध है और यदि किसी ने ऐसा किया तो उसे इसका दुष्परिणाम भुगतना ही होता है।

1. इसका इस्तेमाल प्रेम संबंधों को फिर से सुधारने के लिए भी किया जाता है।

2. इस साधना के द्वारा अपने पसंद के व्यक्ति से विवाह किया जाता है।

3. काजल वशीकरण साधना के द्वारा व्यापार को बढ़ाया जा सकता है।

4. काजल वशीकरण के द्वारा समाज में एक अलग जगह बनाई जा सकती है।

5. इस विद्या के द्वारा शत्रु को मित्र बनाया जा सकता है।

6. काजल वशीकरण के द्वारा मनचाही सफलता प्राप्त की जा सकती है।

7. इसके द्वारा किसी के दिमाग में अपने लिए ख़ास जगह बनाई जा सकती है।

8.इसके द्वारा पति और पत्नी के बीच सम्बंधों को सुधार जा सकता है।

9. अपने खोये हुए प्रेम सम्बन्ध को वापस पा सकते हैं।

10. व्यापारिक समस्याओं का समाधान भी किया जा सकता है।

11. इसके द्वारा हम हमारे अधिकारियों को भी पुर्णता: अनुकूल बना सकते है।

12. इसके द्वारा देवी देवताओं की कृपा को भी खींचा जा सकता है।

काजल वशीकरण को सम्मोहन के नाम से भी जाना जाता है जिसका आसान मतलब होता है किसी को अपने कंट्रोल में करना अर्थात किसी के दिमाग पे अधिकार करना।

इस साधना में अक्सर लोग काले जादू का इस्तेमाल करते हैं जो की जीवन के लिए घातक सिद्ध होता है अतः ये निवेदन है की बुरी शक्तियों से आप अच्छाई की उम्मीद न रखे अन्यथा हानि होने की आशंका रहती है।
इस साधना के दौरान नकारात्मक न सोचे और ना ही ऐसे लोगो के साथ रहे जो नकारात्मक सोचते हैं।सही मार्गदर्शन में साधना करने से सफलता अवश्य मिलती है.

m.bhaskar.comnewsc-8-857430NOR.html?pg=0&referrer_url=

ये लिंक है जिसमे ये लिखा हुआ है- " इंदौर में पांच हजार से भी ज्यादा चमगादड़ों और उल्लुओं की जान पर बन आई थी।प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बड़े पैमाने पर नेताओं और प्रभावशाली लोगों ने चमगादड़ और उल्लुओं के काजल का ऑर्डर दिया था। यही काजल बनाने के लिए तीन हजार से ज्यादा चमगादड़ों और उल्लुओं को मारकर काजल बनाया गया और उसे दीपावली की रात को सिद्ध किया गया। सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के एक गोदाम में तांत्रिक पंडित ने इन चमगादड़ों को 15 दिनों से इन्हें जलाकर काजल बनाने के लिए रखा हुआ था"।

ये वशीकरण काजल बनाने का सबसे बडा गलत तरीका है,इस प्रकार का काजल हम जडी-बुटीयो के माध्यम से भी बना सकते है।जडी-बुटीयो से बना काजल हानिकारक नही होता है और शीघ्र फलप्रद होता है।जब हम काजल आंखों मे लगाकर किसी विषेश व्यक्ति को मतलब जिसे वश करना हो उसको देख कर मंत्र 3 बार बोले और उसी मंत्र का 1 माला जाप घर पर जाकर गोपनीयता से करे तो जिसे देखकर हमने 3 बार मंत्र बोला था "वह व्यक्ति 3-4 दिनो मे हमारे अनुकुल हो जाता है",मंत्र का जितना ज्यादा जाप करेंगे उतना ही ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

अक्सर यह विधान गाँव के देहाती लोगो मे प्रसिद्ध है और इस विद्या के पिछे उनका मकसद जंगली प्राणियों को वश मे रखने हेतु पुराने समय मे प्रचलित था।आज के समय मे इसी विधान से हम लोग लाभ प्राप्त करके हमारा जिवन सुखी बना सकते है।

यह काजल मैने बहोत से लोगो को बनाकर दिया है और उनको निच्छित लाभ भी प्राप्त हुआ है।यह काजल वशीकरण यहा देने के पिछे मेरा एक विचार है जैसे अब तक बहोत कम लोगो ने "किसानों के मदत हेतु" योगदान दिया है।अब मै चाहता हु गरीब किसानों के मदत हेतु आप से सहयोग प्राप्त हो क्युके इस वर्ष फसल बहोत ज्यादा खराब हुआ है और जो रुपया किसानों ने फसल मे लगाया था वो भी नही निकाल सके,बहोत बडे नुकसान के कारण किसान परेशान है।
उनके परेशानी को हम लोग कुछ हद तक कम कर सकते है,इसलिये यह "वशीकरण काजल" आपको 750/-रुपये की सहयोग राशी देने पर प्राप्त होगा। इसमे 50 रुपये बैंक के इंटरसिटी चार्जेस मे कट जाते है और 100 रुपये आपको काजल भेजने का हमे खर्च आयेगा,100 रुपये काजल बनाने मे खर्च होगे।तो बचे अब 500 रुपये जो गरीब किसानों के मदत हेतु उन तक पहोचाये जायेंगे।

आपने देखा होगा आज के समय मे वशीकरण के नाम पर कुछ लोग हजारो रुपया लुट रहे है। यहा कोइ लुट नही चल रहा है यहा सिर्फ आपका मदत और आपके माध्यम से किसानों का मदत कार्य हो रहा है। इस बार मदत का माध्यम वशीकरण काजल है जो प्रामाणिक वस्तु है और अपना असर दिखा देता है। इससे पहीले भी मेरे आर्टीकल मे मैने किसानो के मदत हेतु आपसे विनती कि है,जिसका परिणाम कुछ लोगो ने मदत हेतु सहयोग राशी दिया हैं परंतु सहयोग राशी देते समय उसके बदले मे उन्होने मुझसे कुछ तान्त्रिक वस्तुओं का मांग किया और वह उन्हे मिला है। मै ज्यादा तर किसीको नाराज नही करता हू भले ही उन लोगो मे इतना पात्रता नही था जो तांत्रिक वस्तुओं से जिवन के अंधकार को दुर कर सके परंतु उनके भावनाओं को देखते हुये मुझे मजबूरन उनको वह देना पडा जिससे आज उनके जिवन मे उनको खुशियां प्राप्त हुयी है।

आप सभी को आपके कार्य मे सफलता प्राप्त हो येसा ही मै मातारानी से प्रार्थना करता हू.....



आदेश.....

15 Dec 2015

दत्तात्रेय तंत्र-वशीकरण.

भगवान् दत्तात्रेय का उपासना तंत्र शीघ्र कामना की सिद्धि करने वाला माना जाता है। भगवान् दत्तात्रेय को अवतार की संज्ञा दी गयी है। कलियुग में अमर और प्रत्यक्ष देवता के रूप में भगवान् दत्तात्रेय सदा प्रशंसित एवं प्रतिष्ठित रहेंगे। दत्तात्रेय तंत्र देवाधिदेव महादेव शंकर के साथ महर्षि दत्तात्रेय का एक संवाद पत्र है।


मोहन प्रयोग

तुलसी-बीजचूर्ण तु सहदेव्य रसेन सह।
रवौ यस्तिलकं कुर्यान्मोहयेत् सकलं जगत्।।

तुलसी के बीज के चूर्ण को सहदेवी के रस में पीस कर तिलक के रूप में उसे ललाट पर लगाएं। उससे उसको देखने वाले मोहित हो जाते हैं।

हरितालं चाश्वगन्धां पेषयेत् कदलीरसे।
गोरोचनेन संयुक्तं तिलके लोकमोहनम्।।

हरताल और असगन्ध को केले के रस में पीस कर उसमें गोरोचन मिलाएं तथा उसका मस्तक पर तिलक लगाएं तो उसको देखने से सभी लोग मोहित हो जाते हैं।

श्रृङ्गि-चन्दन-संयुक्तो वचा-कुष्ठ समन्वितः।
धूपौ गेहे तथा वस्त्रे मुखे चैव विशेषतः।।

राजा प्रजा पशु-पक्षि दर्शनान्मोहकारकः।
गृहीत्वा मूलमाम्बूलं तिलकं लोकमोहनम्।।

काकडा सिंगी, चंदन, वच और कुष्ठ इनका चूर्ण बनाकर अपने शरीर तथा वस्त्रों पर धूप देने तथा इसी चूर्ण से तिलक लगाने पर राजा, प्रजा, पशु और पक्षी उसे देखने मात्र से मोहित हो जाते हैं। इसी प्रकार ताम्बूल की जड़ को घिस कर उसका तिलक करने से लोगों का मोहन होता है।

सिन्दूरं कुङ्कुमं चैव गोरोचन समन्वितम्।
धात्रीरसेन सम्पिष्टं तिलकं लोकमोहनम्।।

सिन्दूर, केशर, और गोरोचन इन तीनों को आंवले के रस में पीसकर तिलक लगाने से लोग मोहित हो जाते हैं।

सिन्दूरं च श्वेत वचा ताम्बूल रस पेषिता।
अनेनैव तु मन्त्रेण तिलकं लोकनोहनम्।।

सिन्दूर और सफेद वच को पान के रस में पीस कर आगे उद्धृत किये मंत्र से तिलक करें तो लोग मोहित हो जाते हैं।
अपामार्गों भृङ्गराजो लाजा च सहदेविका।
एभिस्तु तिलकं कृत्वा त्रैलोक्यं मोहयेन्नरः।।

अपामार्ग-ओंगा, भांगरा, लाजा, धान की खोल और सहदेवी इनको पीस कर उसका तिलक करने से व्यक्ति तीनों लोकों को मोहित कर लेता है।

श्वेतदूर्वा गृहीता तु हरितालं च पेषयेत्।
एभिस्तु तिलकं कृत्वा त्रैलोक्यं मोहयेन्नरः।।

सफेद दूर्वा और हरताल को पीसकर उसका तिलक करने से मनुष्य तीनों लोकों को मोह लेता है।

मनःशिला च कर्पूरं पेषयेत् कदलीरसे।
तिलकं मोहनं नृणां नान्यथा मम भाषितम्।।

मैनसिल और कपूर को केले के रस में पीस कर तिलक करने से वह मनुष्यों को मोहित करता है।

अथ कज्जल विधानम् गृहीत्वौदुम्बरं पुष्पं वर्ति कृत्वा विचक्षणैः।
नवनीतेन प्रज्वाल्य कज्जलं कारयेन्निशि।।

कज्जलं चांजयेन्नेत्रे मोहयेत् सकलं जगत्।
यस्मै कस्मै न दातव्यं देवानामपि दुर्लभम्।।

बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि गूलर के पुष्प से कपास रूई के साथ बत्ती बनाए और उस बत्ती को नवनीत से प्रज्वलित कर जलती हुई ज्वाला से काजल निकाले तथा उस काजल को रात में अपनी आंखों में लगा लें। इस काजल के लगाने से वह समस्त जगत को मोहित कर लेता है। ऐसा सिद्ध किया हुआ काजल किसी भी व्यक्ति को नहीं दें।



अथ लेपविधानम्

श्वेत-गुंजारसे पेष्यं ब्रह्मदण्डीय-मूलकम्।
शरीरे लेपमात्रेण मोहयेत् सर्वतो जगत्।।

श्वेतगुंजा सफेद घूंघची के रस में बह्मदण्डी की जड़ को पीस लें और उसका शरीर में लेप करें तो उससे समस्त जगत् मोहित हो जाता है।

पंचांगदाडिमी पिष्ट्वा श्वेत गुंजा समन्विताम्।
एभिस्तु तिलकं कृत्वा मोहयेत् सकलं जगत्।।

अनार के पंचांग (जड़, पत्ते फल, पुष्प और टहनी) को पीसकर उसमें सफेद घुंघुची मिलाकर तिलक लगाएं। इस तिलक के प्रभाव से व्यक्ति समस्त जगत को मोहित कर लेता है।



मन्त्रस्तु - इन प्रयोगों की सिद्धि के लिए अग्रिम दिए हुए मंत्रों के दस हजार जप करने से लाभ होता है।

।। ॐ नमो भगवते रुद्राय सर्वजगन्मोहनं
कुरु कुरु स्वाहा ।।

अथवा
।।ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि
यश्य यश्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा।।




आकर्षण प्रयोग

कृष्ण धत्तूरपत्राणां रसं रोचनसंयुतम्।
श्वेतकर्वीर लेखन्या भूर्जपत्रे लिखेत् ततः।।

मन्त्रं नाम लिखेन्मध्ये तापयेत् खदिराग्निना।
शतयोजनगो वापि शीघ्रमायाति नान्यथा।।

काले धतूरे के पत्रों से रस निकालकर उसमें गोरोचन मिलाएं और स्याही बना लें। फिर सफेद कनेर की कलम से भोजपत्र पर जिसका आकर्षण करना हो उसका नाम लिखें और उसके चारों ओर मंत्र लिखें। फिर उसको खैर की लकड़ी से बनी आग पर तपाएं, इससे जिसके लिए प्रयोग किया हो, वह सौ योजन दूर गया हो तो भी शीघ्र ही वापस आ जाता है।

अनामिकाया रक्तेन लिखेन्मन्त्रं च भूर्जके।
यस्य नाम लिखन्मध्ये मधुमध्ये च निक्षिपेत्।।

तेन स्यादाकर्षणं च सिद्धयोग उदाहृतः।
यस्मै कस्मै न दातव्यं नान्यथा मम भाषितम्।।

अनामिका अंगुली के रक्त से भोजपत्र पर मंत्र लिखें और मध् य में अभीष्ट व्यक्ति का नाम लिख कर मधु में डाल दें, इसमें जिसका नाम लिखा हुआ होगा उसका आकर्षण हो जाएगा। यह सिद्ध योग कहा गया है।

अथाकर्षण मंत्र

।।ॐ नम: आदिपुरुषाय अमुकस्याकर्षणं कुरु कुरु स्वाहा ।।

एकलक्षजपान्मन्त्रः सिद्धो भवति सर्वथा।
अष्टोत्तरशतजपादग्रे प्रयोगोऽस्य विधीयते।।

इस मंत्र का एक लाख बार जप करने से यह मंत्र पूर्ण रूप से सिद्ध हो जाता है। तदंतर प्रयोग से पूर्व इस मंत्र का 108 बार जप करके इसका प्रयोग किया जाता है।





सर्वजन वशीकरण प्रयोग

ब्रह्मदण्डी वचाकुष्ठ चूर्ण ताम्बूल मध्यतः।
पाययेद् यं रवौ वारे सोवश्यो वर्तते सदा।।

ब्रह्मदण्डी, वच और कुठ के चूर्ण को रविवार के दिन पान में डालकर खिला दें। जिसको खिलाया जाए वह सदैव के लिए वश में हो जाता है।

गृहीत्वा वटमूलं च जलेन सह घर्षयेत्।
विभूत्या संयुतं शाले तिलकं लोकवश्यकृत।।

बड़ के पेड़ की जड़ को पानी में घिस कर उसमें भस्म मिलाएं और उसका तिलक लगाएं तो उसे देखने वाले लोग वशीभूत हो जाते हैं।

पुष्ये पुनर्नवामूलं करे सप्ताभिमन्त्रितम्।
बुद्ध्वा सर्वत्र पूज्येत सर्वलोक वशङ्करः।।

पुष्य नक्षत्र के दिन पुनर्नवा की जड़ को लाकर उसे वशीकरण मंत्र से सात बार अभिमंत्रित करें और हाथ में बांधे तो वह सर्वत्र पूजित होता है तथा सभी लोग उसके वशीभूत हो जाते हैं।

पिष्ट्वाऽपामार्गमूलं तु कपिला पयसा युतम्।
ललाटे तिलकं कृत्वा वशीकुयोज्जगत्त्रयम्।।

कपिला गाय के दूध में अपामार्ग आंधी झाड़ा की जड़ को पीस कर ललाट पर तिलक करने से त्रिलोक को भी वश में किया जा सकता है।

गृहीत्वा सहदेवीं च छायाशुष्कां च कारयेत्।
ताम्बूलेन च तच्चूर्ण सर्वलोकवशंकरः।।

सहदेवी को छाया में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें तथा उसे पान में डाल कर खिलाएं तो सभी का वशीकरण हो जाता है।
रोचना सहदेवीभ्यां तिलकं लोकवश्यकृत्।
गोरोचन और सहदेवी को मिलाकर उसका तिलक करने वाला सब को वश में कर लेता है।

गृहीत्वौदुम्बरं मूलं ललाटे तिलकं चरेत्।
प्रियो भवति सर्वेषां दृष्टमात्रो न संशयः।।

उदुम्बर की जड़ को घिस कर उससे जो तिलक लगाता है, उस पर जिसकी दृष्टि पड़ती है, वह उसके वश में हो जाता है। इसमें कोई संशय नहीं है।
ताम्बूलेन प्रदातव्यं सर्वलोक वशङ्करम्।
यदि गूलर की जड़ का चूर्ण पान में डालकर खिलाया जाए तो उससे वह वश में हो जाता है जिसे यह खिलाया जाता है।

सिद्धार्थ देवदाल्योश्च गुटिकां कारयेद् बुधः।
मुखे निक्षिप्य भाषेत सर्वलोक वशङ्करम्।।

सरसों और देवदाली के चूर्ण की गोली बनाकर उसे मुंह में रखकर बातचीत करने से जिससे बात करता है, वह वश में हो जाता है।

कुङ्कुमं नागरं कुष्ठं हरितालं मनःशिलाम्।
अनामिकाया रक्तेन तिलकं सर्ववश्यकृत।।

केशर, सोंठ, कुठ, हरताल और मैनसिल का चूर्ण करके उसमें अपनी अनामिका अंगुली का रक्त मिलाकर तिलक लगाने से सभी लोग वश में हो जाते हैं।

गोरोचनं पद्मपत्रं प्रियङ्गुं रक्तचन्दनम्।
एषां तु तिलकं भाले सर्वलोक वशङ्करम्।।

गोरोचन, कमल का पत्र, कांगनी और लाल चंदन इनका ललाट पर तिलक करने से व्यक्ति वश में हो जाते हैं।

गृहीत्वा श्वेतगुंजां च छयाशुष्कां तु कारयेत्।
कपिला पयसा सार्द्ध तिलकं लोकवश्यकृत्।।

सफेद घुंघुची को छाया में सुखा कर कपिला गाय के दूध में घिस कर तिलक करने से सर्वजन वश में हो जाते हैं।

श्वेतार्क च गृहीत्वा च छायाशुष्कं तु कारयेत्।
कपिला पयसा सार्द्ध तिलकं लोकवश्यकृत्।।

सफेद मदार (आक) को छाया में सुखा कर कपिला गाय के दूध में घिस कर तिलक करने से सर्वजन वश में हो जाते हैं।

श्वेतार्क च गृहीत्वा च कपिला दुग्ध मिश्रिताम्।
लेपमात्रं शरीरे तु सर्वलोक वशङ्करम्।।

सफेद दूर्वा को कपिला गाय के दूध में मिलाकर शरीर में लेप करने मात्र से सभी जन वश में हो जाते हैं।

बिल्वपत्राणि संगृहय मातुलुंगं तथैव च।
अजादुग्धेन तिलकं सर्वलोक वशङ्करम्।।

बिल्व पत्र और बिजोरा नीबू को बकरी के दूध में पीसकर तिलक करने से सर्वजन वश में हो जाते हैं।

कुमारी मूलमादाय विजया बीज संयुतम्।
तलकं मस्तके कुर्यात् सर्वलोक वशङ्करम्।।

घी कुंवारी की जड़ और भांग के बीज, दोनों को मिलाकर मस्तक पर तिलक करने से सर्वजन वश में हो जाते हैं।

हरितालं चाश्वगन्धा सिन्दूरं कदली रसः।
एषां तु तिलकं भाले सर्वलोक वशङ्करम्।।

हरताल और असगन्ध को सिन्दूर तथा केले के रस म मिलाकर ललाट पर तिलक करने से सर्वजन वश में हो जाते हैं।

अपामार्गस्य बीजानि छागदुग्धेन पेषयेत्।
अनेन तिलकं भाले सर्वलोक वशङ्करम।।

अपामार्ग के बीजों को बकरी के दूध में पीसकर उसका कपाल में तिलक लगाने से समस्त जन वश में होते हैं।

ताम्बूलं तुलसी पत्रं कपिलादुग्धेन पेषितम्।
अनेन तिलकं भाले सर्वलोक वशङ्करम्।।

नागरबेल का पान और तुलसी पत्र को कपिला गाय के दूध में पीस कर उसका मस्तक पर तिलक लगाने से समस्त जन वश में हो जाते हैं।

धात्रीफलरसैर्भाव्यमश्वगन्धा मनः शिला।
अनेन तिलकं भाले सर्वलोक वशङ्करम्।।

आंवले के रस में मैनसिल और असगंध को मिलाकर ललाट पर तिलक करने से समस्त जन वश में हो जाते हैं।




अथ वशीकरण मंत्र

इन उपर्युक्त वस्तुओं को अभिमंत्रित करने का मंत्र इस प्रकार है-

।।ॐ  नमो नारायणाय सर्वलोकान् मम वशं कुरु कुरु स्वाहा ।।

इसकी प्रयोगात्मक सफलता के लिए

एकलक्षजपान्मन्त्रः सिद्धो भवति नान्यथा।
अष्टोत्तरशतजपात् प्रयोगे सिद्धिरुत्तमा।।

एक लाख जप से यह मंत्र सिद्ध होता है और प्रयोग के समय इस मंत्र का 108 बार जप करके प्रयोग करने से सफलता मिलती है।

युवक एवं युवती वशीकरण प्रयोग

रविवारे गृहीत्वा तु कृष्णधत्तूरपुष्पकम्।
शाखां लतां गृहीत्वा तु पत्रं मूलं तथैव च।।

पिष्ट्वा कर्पूरसंयुक्तं कुङ्कुमं रोचनां तथा।
तिलकैः स्त्रीवशीभूता यदि साक्षादरुन्धती।।

रविवार के दिन काले धतूरे के पुष्प, शाखा, लता और जड़ लेकर उनमें कपूर, केशर और गोरोचन पीसकर मिला दें और तिलक बना लें। इस तिलक को मस्तक पर लगाने से स्त्री चाहे वह साक्षात् अरुंधती जैसी भी हो, तो भी वश में हो जाती है।

काकजङ्घा व तगरं कुङ्कुमं तु मनःशिलाम्।
चूर्ण स्त्रीशिरसि क्षिप्तं वशीकरणमद्भुतम्।।

काकजङ्घा, तगर, केशर और मैनशिल का चूर्ण बनाकर उसे स्त्री के सिर पर डाले तो वह वश में हो जाती है। यह उत्तम वशीकरण है।

ब्रह्मदण्डीं समादाय पुष्यार्केण तु चूर्णयेत्।
कामार्ता कामिनीं दृष्ट्वा उत्तमाङ्गे विनिक्षिपेत्।।

पृष्ठतः सा समायाति नान्यथा मम भाषितम्।
रवि पुष्य के दिन ब्रह्मदंडी को लाकर उसको पीस लें। तदनंतर जिस काम पीड़ित कामिनी के मस्तक पर वह चूर्ण डाला जाए वह स्त्री ऐसी आकर्षक हो जाती है कि प्रयोग करने वाले पुरुष के पीछे-पीछे वह चली आती है।




राजवशीकरण प्रयोग

कुङ्कुमं चन्दनं चैव कर्पूरं तुलसीदलम्।
गवां क्षीरेण तिलकं राजवश्यकरं परम्।।
केशर, चंदन, कपूर और तुलसी पत्र को गाय के दूध में पीस कर तिलक करने से राजा का वशीकरण हो जाता है।
करे सुदर्शनं मूलं बद्ध्वा राजप्रियो भवेत्।
सुदर्शन जामुन की जड़ को हाथ में बांधकर मनुष्य राजा का अथवा अपने बड़े अधिकारी का प्रिय हो जाता है।

हरितालं चाश्वगन्धां कर्पूरं च मनःशिलाम्।
अजाक्षीरेण तिलकं राजवश्यकरं परम्।।

हरताल, असगंध, कपूर तथा मैनसिल को बकरी के दूध म पीस कर तिलक लगाने से राजा का वशीकरण होता है।

हरेत् सुदर्शनं मूलं पुष्यभे रविवासरे।
कर्पूरं तुलसीपत्रं पिष्ट्वा तु वस्त्रलेपने।।

विष्णुक्रान्तस्य बीजानां तैले प्रज्वाल्य दीपके।
कज्जलं पातयेद रात्रौ शुचिपूर्व समाहितः।।
कज्जलं चांजयेन्नेत्रे राजवश्यकरं परम्।।

जामुन की जड़ को रविपुष्य के दिन लाए और कपूर तथा तुलसीपत्र के साथ पीस कर एक वस्त्र के ऊपर लपेट लें। तदनंतर अपराजिता के बीजों के तेल से दीपक जलाएं। दीपक से रात्रि में पवित्रता और सावधानी से काजल बनाएं और उसे अपने दोनों नेत्रों में लगा लें। ऐसा करने से राजा का वशीकरण होता है।

भौमवारे दर्शदिने कृत्वा नित्यक्रियां शुचिः।
वने गत्वा हयपामार्गवृक्षं पश्येदुदङ् मुखः।।
तत्र विप्रं समाहूय पूजां कृत्वा यथा विधि।
कर्षमेकं सुवर्ण च दद्यात् तस्मै द्विजन्मने।।
तस्य हस्तेन गृहीणीयादपामार्गस्य बीजकम्।
कृत्वा निस्तुषबीजानि मौनी गच्छेन्निजं गृहम्।।
रमेशं हृदये ध्यात्वा राजानं खादयेच्च तान्।
येनकेनाप्युपायेन यावज्जीवं वशं भवेत्।।

मंगलवार के दिन वाली अमावस्या को अपना नित्यकर्म करके पवित्रता पूर्वक वन में चला जाए और वहां उत्तर की ओर मुंह करके खड़ा हो, अपामार्ग वृक्ष को देखे। फिर वहां ब्राह्मण को बुलाकर विधिपूर्वक उसकी पूजा करके उसे 16 माशा सुवर्ण दान दें और उसके हाथ से अपामार्ग के बीजों को साफ करके हृदय में भगवान विष्णु का ध्यान करें और जैसे भी बने वे बीज राजा को खिला दें। इस प्रकार प्रयोग करने से राजा जन्म भर के लिए दास बन जाता है।

तालीस, कुठ और तगर को एक साथ पीस कर लेप बना लें। फिर नर कपाल में सरसों का तेल डालकर रेशमी वस्त्र की बत्ती जलाएं तथा काजल बनाएं। उस काजल को आंखों में लगा लें। इसमें जो भी देखने में आता है वह वश में हो जाता है। यह प्रयोग तीनों लोकों को वश में करने वाला है।

अपामार्गस्य बीजं तु गृहीत्वा पुष्य भास्करे।
खाने पाने प्रदातव्यं राजवश्यकरं परम्।।

रविपुष्य के दिन अपामार्ग के बीज लाकर उन्हें भोजन में अथवा पानी में मिलाकर यदि राजा को खिला दिया जाए तो वह वश में हो जाता है।




वशीकरण मंत्र

।।ॐ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुकं महीपतिं वशं कुरु कुरु स्वाहा ।।

इसका विधान इस प्रकार है –
एकलक्षजपादस्य सिद्धिर्भवति नान्यथा।
अष्टोत्तरशतजपादस्य प्रयोगे सिद्धिरुत्तमा।।

प्रथम पुरश्चरण के रूप में उपर्युक्त मंत्र का एक लाख बार जप कर लें। इससे निश्चित सिद्धि होती है और प्रयोग करने का अवसर आने पर एक सौ आठ बार जप करके प्रयोग करें तो उसमें पूर्ण सफलता प्राप्त होती है।



"इस तंत्र को मैने आज तक कभी आजमाया नही है परंतु पाठकों के ज्ञान मे वृद्धि हो इसलिये यह पोस्ट डाला है।"



आदेश......

9 Dec 2015

प्राचीन वशीकरण तंत्र क्रिया.

एक येसा वशीकरण क्रिया जो कभी खाली नही जाता।मेरे पास बहोत लोग यही विषय लेकर आते है। जैसे पत्नि के साथ सम्बन्ध अच्छे नही है,पती मारता है,पती किसी औरत के जाल मे फसा हुआ है,पत्नि का किसी पुरुष के साथ सम्बन्ध है,पती/पत्नि अब तलाक चाहते है।प्रेमी/प्रेमिका ने धोका दे दिया।उसने मेरा दिल तोड़ दिया,आप कुछ बताये।

70% येसी बाते करने वाले लोग मैने देखे है। जो जिवन मे अपने जिवनसाथी से परेशान है।जिवनसाथी के वजेसे मानसीक संतुलन बिगडा हुआ है और सारी खुशीया समाप्त हो चुकी है।

आप निराश ना रहे क्युके एक समय होता है जिवन मे जो ग्रहों के कारण हमे तकलीफ उठाने के लिये मजबूर कर देता है।तंत्र कोइ मजाक नही है। तंत्र मे येसे समस्याओं का निवारण दिया हुआ है।आज मै यहा ज्यादा नही लिखुगा परंतु जो कुछ लिख रहा हु इससे सब हील जायेगे क्युके यहा मै आपके जिवन के मुख्य समस्या का निवारण दे रहा हु ।

मैने बहोत लोगो से गरीब किसानों के मदत हेतु चंदा मांगा परंतु आज के समय मे इन्सानियत मर चुकि है और 99% लोग स्वार्थी बन चुके है।जो लोग स्वार्थी हो उनके लिये यह पोस्ट नही है और वह लोग इस पोस्ट से तो दुर ही रहे।मै एक सन्स्था चला रहा हु जिसमे मुजे हर महीने बहोत सारा धन देना पड़ता है और नोकरी करके मै अपने कमाई का ज्यादा रुपया गरीब किसानों के मदत हेतु नही दे पा रहा हु क्युके मै हर महीने 20 हजार का मदत करता हु जो आवश्यकता नुसार बहोत कम है।इसलिये आज यह "प्राचीन वशीकरण" का पोस्ट देना ही मुजे उचीत लगा है।

अब सिधे-सिधे मुख्य बात करते है।मै आपको वशीकरण हेतु मदत करने के लिये तय्यार हु और यह वशीकरण क्रिया मै स्वयं आपको करवा देता हु ।इसके लिये आपको मुजसे सम्पर्क करना होगा फिर अपनी बात होगे और मै आपको कुछ क्रिया करने हेतु बता दुगा ।उसके बाद आपको मेरे पास आना पडेगा ताकी मै आपको कुछ दवाई तय्यार करके दे सकु । उस दवाइ को आपको अपने प्रिय व्यक्ति को खिलाना है जिसका आप वशीकरण करवाना चाहते है । दवाई खिलाने के बाद 8 से 10 दिन मे आपका काम हो जायेगा। एक बात आपके बताता हु जिस पर आपको सोचना जरुरी है।

मान लिजीये आपको बुखार है तो क्या आपको बुखार कि दवा को देखते रहने से आपका बुखार चला जायेगा?येसा सम्भव ही नही है क्युके जब तक आप बुखार की दवाई नही खायेगे तब तक आपको बुखार से मुक्ति नही मिल सकती है।ठिक उसी तरहा आपको वशीकरण करने हेतु जो मै जडी-बुटीयो से निर्मित,जिन को वशीकरण मंत्रो से सिद्ध् किया हो,उसको नही खिलायेगे तब तक वशीकरण सम्भव नही है।

आपका काम मै कर दुगा और काम पुरा होने के बाद ही आपसे पैसा ले रहा हु ।काम करने से पहीले आपसे मुजे एक रुपय्या भी नही चाहिए परंतु काम होने के बाद मै आपसे 11,000,21,000 से 51,000 तक धनराशि आपसे मै मांग सकता हु ।आपका काम होने के बाद अगर आपको लगता है के आप मुजे धनराशि ना दे तो क्या होगा? काम बनने मे तो 8-10 दिन लगे थे परंतु मै 2-3 दिन मे किया हुआ काम बिघाड सकता हु ।इसलिये कह रहा हु जिनका धनराशि देने का मन हो या उनको किसानों के हेतु कुछ करने की इच्छा हो उनको ही अपने समस्या के निवारण हेतु मुजसे सम्पर्क करना उचीत होगा क्युके बिना धनराशि के अब मै निशुल्क मे काम नही करना चाहता हु ।

काम पक्का करवा दे रहा हु और सबसे बडी बात आपको धनराशि काम होने के बाद ही देना है।काम करने से पुर्व एक रुपय्या भी नही देना है। येसा कार्य कोइ नही करके देता है। तांत्रीक लोग सिर्फ आपका पैसा लेकर आपको धोका देगे परंतु यहा पर येसा नही हो सकता है।ये बात अब आप समज चुके है। हो सके तो एक काम करो इस पोस्ट को ज्यादा-से-ज्यादा शेयर करे ताकी लोगो का वशीकरण का काम भी बने,उनको कोइ पाखण्डी ठग ना सके और सबसे महत्वपूर्ण बात मेरे गरीब किसानों के लिये आपसे आर्थिक मदत प्राप्त हो जायेगा ।

वशीकरण हेतु मुजसे सम्पर्क करे-amannikhil011@gmail.com
कैसा भी वशीकरण हो मै कर दुगा परन्तु इसमे मै जो कुछ दवाई दे रहा हु,उस दवाई को किसी भी चिज मे मिलाकर खिलाना पडेगा ।


आदेश.......

14 Nov 2015

वशिकरण तंत्र,भाग-1.

वशीकरण दो शब्द वशी और करण से बना एक संस्कृत वाक्यांश है | वशीकरण शब्द का अर्थ है-

1. दूसरों को अपने वश में करने,रखने अथवा लाने की क्रिया या भाव।

2. तंत्र में एक प्रकार का प्रयोग जिसमें मंत्र बल से किसी को अपने वश में किया या लगाया जाता है।

3. ऐसा साधन जिससे किसी को वशीभूत किया जा सके या किया जाता हो।


वशीकरण के प्रयोग और लाभ-

1. दूसरों के साथ व्यवसायी और व्यक्तिगत संबंधों में सुधार करने के लिए।

2. दूसरों से एहसान जीतने के लिए उन पर दबाव और नियंत्रण लागू करने के लिए।

3. दूसरों पर एक अच्छा प्रभाव बनाने के लिए, और उनके दिल और दिमाग में प्यार और स्नेह का सृजन करने के लिए।

4. किसी के व्यक्तित्व और आकर्षण में सुधार करने के लिए, ध्यान आकर्षित करना और लोगों को आकर्षित करते है।

आज के युग में, जूनियर और प्रतिद्वंद्वियों को नियंत्रित सहयोगियों और ग्राहकों को प्रभावित करने के लिए एक बैठक, सम्मेलन या साक्षात्कार के दौरान लोगों के एक समूह को प्रभावित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह बहुत फायदेमंद हो सकता है। प्रेमी / पत्नियों, या भटके प्रेमियों / पत्नियों को नियंत्रित करने के लिए आपसी प्यार और समझ बढ़ाने के उद्देश्य के लिए, एक-दूसरे के लिए जुनून और आकर्षण को बढ़ाने के लिए यह भी बहुत कारगर हो सकता है।

यदि आपका इरादा उचित है और आपका प्यार सच्चा है तो वशीकरण सुनिश्चित करें,इसमे कोइ बुराइ नही है।
अधिकांश लोगों को लगता है कि वशीकरण काला जादू है, लेकिन यह सच नहीं है। वशीकरण जीवन में कई समस्याओं को सुलझाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे-

1. खोया प्यार वापस पाने के लिए।
2. संबंध मजबूत बनाने के लिए।
3. शादी के लिए माता-पिता को मनाने के लिए।
4. दोस्ती के लिए किसी को प्रभावित और आकर्षित करने के लिए।
5. प्रेम विवाह से बाधाओं को दूर करने के लिए।
6. पति-पत्नी की समस्याओं को सुलझाने।

वशीकरण भी विपरीत या एक ही विशेष को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।


यंत्र, तंत्र और मंत्र के क्षेत्र में ही वशीकरण के कई अचूक और १०० प्रतिशत प्रमाणिक साधना या उपाय उपलब्ध हैं। किन्तु हर प्रयोग में किसी न किसी विशेष विधि एवं नियम-कायदों का पालन करना पड़ता ही है। इसीलिये, आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में इंसान ऐसे तरीके या उपाय चाहता है जो कम से कम समय में सम्पन्न हो सकें। आजकल हर इंसान शार्टकट के जुगाड़ में लगा रहता है।

पारम्परिक और लम्बे रास्ते पर ना तो वह चलना चाहता है और ना ही उसके पास इतना समय होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही यहां वशीकरण यानि किसी को अपने प्रभाव में लाने या अनुकूल बनाने का सरल अनुभवी एवं अचूक प्रयोग दिया जा रहा है। यह अचूक और शर्तिया कारगर प्रयोग इस प्रकार है।

जिस भी व्यक्ति को आप अपने वश में करना चाहते हैं, उसका एक चित्र जो कि लगभग 4×5 ईंच के आकार का तथा स्पष्ट छवि वाला हो, उपलब्ध करें। उस चित्र को इतनी ऊंचाई पर रखें कि जब आप पद्मासन में बैठे, तो उस चित्र की छवि आपकी आंखों के सामने ही रहे। ५ मिनिट तक सर्वप्रथम ध्यान करने के पश्चात उस चित्र पर ध्यान एकाग्र करें। पूर्ण गहरे ध्यान में पंहुचकर उस चित्र वाले व्यक्तित्व से बार-बार अपने मन की बात कहें। कुछ समय के बाद अपने मन में यह गहरा विश्वास जगाएं कि आपके इस प्रयास का प्रभाव होने लगा है। यह प्रयोग सूर्योदय से पूर्व या रात्रि मे जब शांति हो तब करना होता है।

इतना विधी तो बहोत लोग जानते होगे परंतु इसके साथ वशिकरण माला से जो "शाबर कामदेव-जागरण" मंत्र से सिद्ध हो,इसका इस्तेमाल करके चित्र को देखते हुये जाप करे तो आसानी से सफलता मिलता है।

जाप के समय "ॐ क्लीम् अमुकम मे वश्यमाणय फट्" मंत्र का जाप करे,जो आपको ध्यानस्थ होकर करना जरुरि है।

यह पूरा प्रयोग असंख्यों बार अजमाने पर हर बार सफल रहता है। किन्तु इसकी सफलता पूरी तरह से व्यक्ति की एकाग्रता और अटूट विश्वास पर निर्भर रहती है। मात्र तीन से सात दिनों में इस प्रयोग के स्पष्ट प्रभाव दिखने लगते है।





नोट:अगर आप किसिसे विशेष वशिकरण माला खरीद रहे हो तो,जिससे आप ले रहे हो उसको एक बार माला सिद्धि के बारे मे प्रश्न अवश्य पुछीये ताकि आपके साथ धोका ना हो।

आदेश.......