Showing posts with label रोग और ईलाज. Show all posts
Showing posts with label रोग और ईलाज. Show all posts

12 Jul 2019

मधुमेह का आयुर्वेदिक इलाज .(Ayurvedic treatment of diabetes.)



मधुमेह आज सिर्फ भारत ही नहीं, पूरे विश्व में अपने पैर पसारने लगा है। भारत को तो विश्व की डायबिटीक कैपिटल कहकर पुकारा जाता है। इस प्रकार भारत में मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या काफी अधिक है। 

आजकल के इस भागदौड़ भरे युग में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है मधुमेह। मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। पहले यह बीमारी चालीस की उम्र के बाद ही होती थी लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है। 

जब हमारे शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जोकि पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है। इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही वह हार्मोन होता है जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। मधुमेह हो जाने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में कठिनाई होती है। इस स्थिति में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।

डायबिटीज के मरीजों में सबसे ज्यादा मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक से होती है। जो व्यक्ति डायबिटीज से ग्रस्त होते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा आम व्यक्ति से पचास गुना ज्यादा बढ़ जाता है। शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्मोनल बदलाव होता है और कोशिशएं क्षतिग्रस्त होती हैं जिससे खून की नलिकाएं और नसें दोनों प्रभावित होती हैं। इससे धमनी में रुकावट आ सकती है या हार्ट अटैक हो सकता है। स्ट्रोक का खतरा भी मधुमेह रोगी को बढ़ जाता है। डायबिटीज का लंबे समय तक इलाज न करने पर यह आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा भी हो सकता है।

आयुर्वेद में मधुमेह जैसे बीमारी का सटीक इलाज दिया हुआ है,कुछ ऐसी जड़ीबूटीया है जिसके सेवन से मधुमेह को हमेशा के लिये ठीक किया जा सकता है । 32 प्रकार की जड़ीबूटियों के मिश्रण से मधुमेह की एक शक्तिशाली दवा बनायी जाती है जिसका असर 7-8 दिनों में देखने मिलता है,आजतक मैंने जिन मरीजो को भी दवाई दी है उनसे एक बात तो हमेशा बोलता हू "अगर 15 दिनों में आपको दवा से फर्क महसूस नहीं हुआ तो मुझे मेरी दवाई वापिस भेज दो और आपका दवा के लिए किया पुरा धनराशि मुझसे वापिस लीजिए" ।

यह दवा अगर तीन महीने तक सेवन की जाए तो मधुमेह नामक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है । चाहे आपका मधुमेह कितना ही क्यो ना तकलीफ देता हो,इस दवा से मधुमेह कंट्रोल में आजाता है,मैं यह दवा 100% गारंटी के साथ देता हू और 15 दिनों में आपको असर ना दिखे तो 100% पुरा दवाई का खर्च वापिस दिया जाएगा । दवाई का असर तो पहिले ही दिन से शुरू हो जाता है और 7-8 दिनों में आपको फायदे दिखाई देते है,15 दिनों तक आप रोजाना दवा लेने के बाद स्वयं ही दवा की प्रशंसा करने लगेंगे । यह दवा 30 दिनों के लिए दी जाती है क्योके कुछ लोगो का मधुमेह 30 दिनों में ही ठीक हो गया और कुछ लोगो को ज्यादा से ज्यादा 90 दिनों तक का समय लगा,कम से कम 30 दिन और ज्यादा से ज्यादा 90 दिनों तक दवाई लेने से मधुमेह पूर्णता ठीक हो जाता है,ऐसा आजतक का हमारा अनुभव रहा है ।

जो मधुमेह के मरीज यह 32 प्रकार की जड़ीबूटियों से निर्मित दवाई का सेवन करके स्वास्थ्य होना चाहते है,उन्हें मुझे व्हाट्सएप नंबर पर आपकी मेडिकल रिपोर्ट भेजनी है,जिसमे यह पता चले कि अभी आपका मधुमेह कितना है,आपकी रिपोर्ट देखकर ही सही मात्रा में जड़ीबूटियों का मिश्रण करके दवाई बनाई जाएगी क्योके इन जड़ीबूटियों में मात्राओं को कम ज्यादा करना पड़ता है । इस दवाई के 30 दिन का खर्च 1800/-रुपये है और कूरियर चार्जेस 80- 120/-रुपये तक है,एक दिन के दवा का खर्च ही 60 रुपया आता है और 30 दिनों तक दवाई को लेने के बाद मैं गारण्टी के साथ बोलता हू आप स्वयं पूर्ण स्वास्थ लाभ प्राप्त होने तक अवश्य ही दवाई का सेवन करेंगे । आपको 15 दिनों के बाद फिर से एक बार अपना रिपोर्ट भेजना है और उसमें आपको लाभ ना दिखाई दे तो आपको आपकी धनराशि वापिस कर देंगे,यह मैं आपको वचन देता हू ।

इस दवाई को सेवन करने से लाभ 100% होगा और साथ मे मैं आपको कुछ आवश्यक बाते भी बता दूँगा जिससे आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे । दवाई के सेवन काल मे कोई भी तकलीफ हो तो तुरंत फोन करे,इस लिए इस दवाई के सेवन हेतु आपको डरने की आवश्यकता नही है,इसमे मेरा अनुभव भी 10 वर्ष से ज्यादा का रहा है । आयुर्वेद में रोग को ठीक करने के साथ ही उसे शरीर से खत्म करने पर ध्यान दिया जाता है। 


Whats'app and calling number-

+918421522368




आदेश......


6 Aug 2018

रोग निवारण के उपाय


जिस घर में जब कोई रोग आ जाता है तो उस रोगी के साथ साथ उस घर के सभी व्यक्ति भी मानसिक रूप से चिंता और आशांति का अनुभव करने लगते है , लेकिन कुछ छोटी छोटी बातो को ध्यान में रखकर हम हालत पर काबू पा सकते है , शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते है ।
1.यदि आपके परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तो अगर संभव हो तो उसे सोमवार को डॉक्टर को दिखाएँ और उसकी दवा की पहली खुराक भगवान शिव को अर्पित करके कुछ राशी भी चड़ा दें और रोगी व्यक्ति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें , व्यक्ति के बहुत जल्दी ही ठीक हो जाने की सम्भावना बन जाती है ।
2.हर पूर्णिमा को किसी भी शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार को निरोग रखने की प्रार्थना रखें ,तत्पश्चात मंदिर में और गरीबों में कुछ ना कुछ फल,मिठाई और नगद दान अवश्य दें ।
3.रोगी व्यक्ति को मंगलवार और शनिवार किसी भी दिन हनुमान जी की मूर्ति से सिंदूर लेकर उसके माथे पर लगाने से उसका दिल मजबूत होता है और रोगी जल्दी स्वस्थ भी होता है ।
4.यदि कोई बीमार व्यक्ति प्रात: काल एक गिलास पानी लेकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़े होकर ऐं मन्त्र का 21 बार जाप करके पी जाय एवं ईश्वर से अपने रोग को दूर करने के लिए प्रार्थना करें तो शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। यह प्रयोग सोमवार से शुरू करके रविवार तक लगातार 7 दिन तक करना चाहिए ।
5.अशोक के वृक्ष की ताजा तीन पत्तियों को प्रतिदिन प्रातः चबाने से चिंताओं से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहता है ।
6.यदि किसी बीमार व्यक्ति का रोग ठीक ना हो रहा हो तो उसके तकिये के नीचे सहदेई और पीपल की जड़ रखने से बीमारी जल्दी ठीक होती है ।
7.यदि किसी रोगी को मृत्युतुल्य पीड़ा हो रही हो , तो जौ के आटे ( बाजार में यह आसानी से उपलब्ध है ) में काले तिल और सरसों का तेल मिला कर रोटी बना कर रोगी के ऊपर से 7 बार उतार कर किसी भैंसे को खिलाएं त्वरित लाभ मिलता है ।
8.सूर्य जब भी मेष राशी में ( 13 से 15 अप्रैल ) में प्रवेश करें तो प्रात: काल नीम की ताजी कपोलें गुड़ व मसूर के साथ पीस कर खाने से वर्ष भर रोग दूर रहते है , यह घर के सभी छोटे बड़े व्यक्तियों को खाना चाहिए ।
9.यदि कोई व्यक्ति लम्बे समय से बीमार है तो उसे घर के दक्षिण पश्चिम कोने ( नैत्रत्य कोण ) के कमरे में दक्षिण दिशा में सर रखकर सुलाएं , उनकी दवाएं और जल कमरे के ईशान कोण में रखें । ध्यान रखें रोगी व्यक्ति अपनी दवाएं और अपना खाना पीना ईशान कोण अथवा पूर्व की तरफ मुंह करके ही खाएं ।
10.यदि घर का कोई व्यक्ति अधिक समय से बीमार हो तो उसके तकिये के नीचे मणिक्य रखने से वह जल्दी स्वस्थ होता है ।
11.सभी रोगों में पीपल की सेवा से बहुत लाभ प्राप्त होता है , रविवार को छोड़कर नियमित रूप से पीपल के वृक्ष पर प्रात: मीठा जल चड़ाकर उसकी जड़ जो छूकर अपने माथे से लगायें पुरुष पीपल की 7 परिक्रमा करें स्त्री ना करें और अपने रोग को दूर करने की प्रार्थना करें अति शीघ्र लाभ मिलता है ।
12.यदि आपके परिवार में कोई लम्बे समय से बीमार है तो आप प्रति माह कम से कम एक बार किसी भी अस्पताल में जाकर गरीबों में अपनी सामर्थ्यानुसार दवा एवं फलों का वितरण अवश्य करें, इससे रोगी को भी लाभ होगा और घर के अन्य सभी सदस्य भी निरोगी रहेंगे। यह बहुत ही चमत्कारी और सिद्ध प्रयोग है ।
13.यदि आप कभी किसी भी बीमार व्यक्ति को देखने जाएँ तो फूल और फल लेकर अवश्य जाएँ और यदि संभव हो तो कुछ ना कुछ नकद राशी भी अवश्य दें , इससे आपके परिवार का सदैव रोगों से बचाव होगा ।
14.रोगी व्यक्ति को पान में गुलाब की सात पंखुडियां खिलाने से अगर उसको कोई नजर लगी है तो उससे छुटकारा मिलता है और दवा भी जल्दी असर करती है ।
15.यदि कोई व्यक्ति मरणासन्न अवस्था में हो उसके बचने की कोई आशा ना हो परन्तु उसके प्राण भी नहीं निकल रहें हो तो उसके हाथ से नमक का दान करवाना चाहिए ।
16. स्वस्थ शरीर के लिए एक रुपये का सिक्का लें। रात को उसे सिरहाने रख कर सो जाएं। प्रातः इसे स्मशान की सीमा में फेंक आएं। शरीर स्वस्थ रहेगा।
17. यदि कोई व्यक्ति काफी समय से बीमार है तो एक नारियल से उसकी नज़र उतार कर उस नारियल को तंदूर/अंगीठी/हवनकुंड अथवा किसी तसले में आग जलाकर उसमें जलाने से रोगी अति शीघ्र स्वस्थ होने लगता है ।
18. सात जटा वाले नारियल शुक्ल पक्ष के सोमवार को ॐ नमा शिवाय मन्त्र का जाप करते हुए नदी में प्रवाहित करने से उस व्यक्ति के घर से रोग और दरिद्रता का नाश होता है ।
19. रोगी के पीने वाले जल में थोड़ा सा गंगाजल मिला दीजिये ,वह जब भी जल पिए उसे वह जल ही पीने को दिया जाय....... शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलेगा ।
20. जिस व्यक्ति की तबियत ख़राब रहती है उसके पलंग की पाए में चाँदी के तार में एक गोमती चक्र बांध दें स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी दूर होने लगेगी । ( गोमती चक्र को पहले गंगाजल में धोकर घर के मंदिर में रखकर तिलक लगाकर धुप/दीप/अगरबत्ती दिखाकर शुद्ध कर लें।)
21. एक देसी पान,गुलाब का फूल और ग्यारह बताशे बीमार व्यक्ति के ऊपर से 31 बार उतार कर किसी चौराहे पर रख दें ध्यान रहे कोई टोके नहीं ....व्यक्ति को शीघ्रता से स्वास्थ्य लाभ मिलने लगेगा ।
22. यदि कोई व्यक्ति तमाम इलाज के बाद भी बीमार रहता है तो पुष्य नक्षत्र में सहदेवी की जड़ उसके पास रखिये .....रोग दूर लगेगा ।
23.पीपल के वृक्ष को प्रातः 12 बजे के पहले, जल में थोड़ा दूध मिला कर सींचें और शाम को तेल का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। ऐसा किसी भी वार से शुरू करके 7 दिन तक करें। बीमार व्यक्ति को आराम मिलना प्रारम्भ हो जायेगा।
24. किसी कब्र या दरगाह पर सूर्यास्त के पश्चात् तेल का दीपक जलाएं। अगरबत्ती जलाएं और बताशे रखें, फिर वापस मुड़ कर न देखें। बीमार व्यक्ति शीघ्र अच्छा हो जायेगा।
25. धोबी के घर से तुरंत धुलकर आये वस्त्रों को मन ही मन रोगी के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हुए रोगी के शरीर से स्पर्श करा देने से बहुत जल्दी आराम मिलता है ।
26. हर माह के प्रथम सोमवार को सुबह सवेरे अपने ईष्ट देव का नाम लेते हुए थोड़ी सी पीली सरसों अपने सर पर से 7 बार घुमाकर घर से बाहर फ़ेंक दें .....रोग आपके पास भी नहीं आयेंगे ।
27. यदि घर में आपकी माता जी को निरंतर कोई रोग सता रहा है तो सोमवार के दिन 121 किसी भी साइज़ के पेड़े लेकर बच्चो और गरीबों में बाँट दें ......निश्चय ही रोग में आराम मिलेगा ।
28. अशोक के ताजे तीन पत्ते सुबह सुबह रोजाना बिना कुछ खाए चबाये जाएँ तो व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है ....इसके सेवन से रोग और चिन्ताओं का भी नाश होता है।
29. सदैव ध्यान दें भैया दूज (यम दीतिया) के दिन बहन के घर उसके हाथ से बना भोजन करने से, गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के घर/मंदिर से प्रसाद लेकर खाने से, बसंत पंचमी के दिन पत्नी के हाथ से बने पीले चावल खाने से एवं मात्र नवमी के दिन माँ के हाथ से बना भोजन करने से व्यक्ति निरोगी रहता है उसकी आयु में निसंदेह वृद्धि होती है।
30. स्वस्थ जीवन जीने के लिये रात्रि को अपने सिरहाने पानी किसी लोटे या गिलास में रख दें। सुबह उसे पी कर बर्तन को उल्टा रख दें तथा दिन में भी पानी पीने के बाद बर्तन को उल्टा रखने से व्यक्ति सदैव स्वस्थ बना रहता है।
31. बाजार से कपास के थोड़े से फूल खरीद लें। रविवार शाम 5 फूल, आधा गिलास पानी में साफ कर के भिगो दें। सोमवार को प्रात: उठ कर फूल को निकाल कर फेंक दें तथा बचे हुए पानी को पी जाएं। जिस पात्र में पानी पीएं, उसे कहीं पर भी उल्टा कर के रख दें। कुछ ही दिनों में आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ अनुभव करेंगे।
32. रात्रि के समय शयन कक्ष में कपूर जलाने से पितृ दोष का नाश होता है, घर में शांति बनी रहती है, बुरे स्वप्न नहीं आते है और सभी प्रकार के रोगों से भी छुटकारा मिलता है ।
33. पूर्णिमा के दिन रात्रि में घर में खीर बनाएं। ठंडी होने पर उसका मंदिर में मां लक्ष्मी को भोग लगाएं एवं चन्द्रमा और अपने पितरों का मन ही मन स्मरण करें और कुछ खीर काले कुत्तों को दे दें। ऐसा वर्ष भर पूर्णिमा में करते रहने से घर में सुख शांति, निरोगिता एवं हर्ष और उल्लास का वातावरण बना रहता है धन की कभी भी कमी नहीं रहती है ।
34. घर में कोई बीमार हो जाए तो उस रोगी को शहद में चन्दन मिला कर चटाएं |
35. यदि घर में पुत्र बीमार हो तो कन्याओं को हलवा खिलाएं एवं पीपल के पेड़ की लकड़ी को सिरहाने रखें।
36. जिस घर में स्त्रीवर्ग को निरन्तर स्वास्थ्य की पीड़ाएँ रहती हो, उस घर में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी श्रद्धापूर्वक देखशल करने, संध्या के समय घी का दीपक जलाने से रोग पीड़ाएँ शीघ्र ही समाप्त होती है।
37. यदि घर में किसी की तबियत ज्यादा ख़राब लग रही है तो रविवार के दिन बूंदी के सवा किलो लड्डू किसी भी धार्मिक स्थान चड़ा कर उसका कम से कम 75% वहीँ पर प्रसाद के रूप में बांटे।
38. अगर परिवार में कोई परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तथा लगातार दवा सेवन के पश्चात् भी स्वास्थ्य लाभ नहीं हो रहा है, तो किसी भी रविवार से लगातार 3 दिन तक गेहूं के आटे का पेड़ा तथा एक लोटा पानी व्यक्ति के सिर के ऊपर से उसार कर जल को पौधे में डाल दें तथा पेड़ा गाय को खिला दें। इन 3 दिनों के अन्दर व्यक्ति अवश्य ही स्वस्थ महसूस करने लगेगा। अगर इस अवधि में रोगी ठीक हो जाता है, तो भी इस प्रयोग को अवश्य पूरा करना चाहिए।
39. पीपल के वृक्ष को प्रात: 12 बजे के पहले, जल में थोड़ा दूध मिला कर सींचें और शाम को तेल का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। ऐसा किसी भी दिन से शुरू करके 7 दिन तक करें ( अगर सोमवार से शुरू करें तो अति उत्तम होगा )। रोग से ग्रस्त व्यक्ति को जल्दी ही आराम मिलना प्रारम्भ हो जायेगा।
40. शुक्रवार रात को मुठ्ठी भर काले साबुत चने भिगोयें। शनिवार की शाम उन्हें छानकर काले कपड़े में एक कील और एक काले कोयले के टुकड़े के साथ बांध दें । फिर इस पोटली को रोगी के ऊपर से 7 बार वार कर किसी तालाब या कुएं में फेंक दें। ऐसा लगातार 3 शनिवार करें। बीमार व्यक्ति शीघ्र अच्छा हो जायेगा|
41. यदि कोई प्राणी कहीं देर तक बैठा हो और उसके हाथ या पैर सुन्न हो जाएँ तो जो अंग सुन्न हो गया हो, उस पर उंगली से 27 का अंक लिख दीजिये, उसका सुन्न अंग तुरंत ठीक हो जाएगा।
42. काले तिल और जौ का आटा तेल में गूंथकर एक मोटी रोटी बनाकर उसे अच्छी तरह सेंकें। गुड को तेल में मिश्रित करके जिस व्यक्ति के मरने की आशंका हो, उसके सिर पर से 7 बार उतार कर मंगलवार या शनिवार को किसी भैंस को खिला दें।यह क्रिया करते समय ईश्वर से रोगी को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना करते रहें।
43. गुड के गुलगुले सवाएं लेकर उसे 7 बार रोगी के सर से उतार कर मंगलवार या शनिवार व इतवार को चील-कौए को डाल दें, रोगी को तुरंत राहत मिलने लगती है।
आदेश......

22 Jun 2018

100% Fatty Liver Treatment

(Note:-चिंता ना करो,अगर मैं आपके वसायुक्त लीवर (Fatty liver) का ईलाज नही कर सका,तो ईलाज हेतु लगने वाले दवाई का दुगना शुक्ल वापिस कर दूँगा )


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि वसायुक्त लीवर (Fatty liver) से पीड़ित लोगों की संख्या में खतरनाक रूप में वृद्धि हो रही है । यदि ठीक से इलाज न हो तो वसायुक्त लीवर (Fatty liver) से लंबे समय में लीवर कैंसर भी हो सकता है । उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति के लीवर में अधिक वसा (fat's) मौजूद होती है और हर 10 में से एक व्यक्ति में फैटी लीवर रोग होता है । यह चिंता का एक कारण है, क्योंकि ठीक से जांच और इलाज न हो तो वसायुक्त लीवर (Fatty liver) से लीवर को क्षति पहुंच सकती है और लीवर कैंसर भी हो सकता है ।

अगर आपका पेट आपकी छाती से ज्यादा बाहर आने लगे, अगर आपको झुकने और अपने जूते का फीता बांधने में कठिनाई होने लगे, अगर आप अपनी शर्ट ठीक से पैंट के अंदर न कर पा रहे हों तो यह सीधा संकेत है कि आपके शरीर में फैट की मात्रा बढ़ रही है । हम भारतीयों के लिए यह तो कोई नई बात नहीं है, लेकिन इन दिनों किए जा रहे तमाम नए अध्ययनों से पता चलता है कि किसी व्यक्ति के दीर्घकालीन स्वास्थ्य के बारे में कोई अनुमान लगाना या भविष्यवाणी करना आसान नहीं है ।

डॉक्टर एक ऐसे अंग पर दिखाई न देने वाली चर्बी के खतरे की चेतावनी दे रहे हैं, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता 'वह है लीवर' । भारत के शहरों में फैटी लीवर की बीमारी की शिकायत तेजी से बढ़ रही है,इस तरह के फैटी लीवर से दिल का दौरा पडऩे का खतरा हो सकता है । इसके अलावा इससे कैंसर भी हो सकता है,लीवर की यह बीमारी कितनी गंभीर हो चुकी है, इसका अंदाजा इन तथ्यों से लगाया जा सकता है :-

*32 फीसदी भारतीयों में कुछ हद तक फैटी लीवर की बीमारी होने का अनुमान है ।
*70 से 90 फीसदी मोटापे और मधुमेह के शिकार लोग फैटी लीवर की बीमारी से ग्रस्त हैं ।
*54 फीसदी लोग, जो न शरीर और न ही पेट के मोटापे से ग्रस्त हैं, फैटी लीवर के रोगी हैं ।
*24 फीसदी भारतीय पुरुष फैटी लीवर से प्रभावित हैं, जबकि ऐसी महिलाओं की तादाद 13 फीसदी है।
*20 फीसदी फैटी लीवर के रोगियों की बीमारी गंभीर रूप ले लेती है ।
*लीवर के वसा (फैट्स) के कारण शहरी भारतीयों को दिल का दौरा पडऩे से मौत हो जाने या फिर दिल का दौरा पडऩे का दोहरा खतरा होता है ।
*भारत में लीवर की गंभीर बीमारी में फैटी लीवर तीसरा सबसे बड़ा कारण है ।
*पश्चिमी देशों के समान वजन वाले लोगों के मुकाबले भारतीयों में फैट की मात्रा दोगुनी होती है ।
इस तरह स्वास्थ्य के मोर्चे पर लीवर की बीमारी एक बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है ।


दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर ऐंड बाइलियरी साइंस (आइलबीएस) के निदेशक डॉ. शिव सरीन, जो नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज़ (एनएएफएलडी) पर ग्लोबल गाइडलाइंस के सह-लेखक रह चुके हैं, कहते हैं, ''अब वसायुक्त लीवर (Fatty liver) का खतरा सिर्फ उन लोगों तक ही सीमित नहीं रह गया है, जो बहुत ज्यादा शराब पीते हैं.” । उनकी पुस्तक 2014 जून में वर्ल्ड गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी ऑर्गेनाइजेशन से प्रकाशित हुई है । वे कहते हैं, ''नकारात्मक जीवन शैली से बायो-कैमिकल रिएक्शन पैदा हो रहा है । जो फैटी लीवर की बीमारी का कारण बन रही है अगर हम सचेत नहीं हुए तो यह जल्दी ही भारत में एक महामारी का रूप ले सकती है, क्योंकि इसका अब तक कोई इलाज नहीं है.” ।

अध्ययनों से पता चलता है कि भारतीय पुरुष फैटी लीवर का खास तौर से शिकार हो सकते हैं । मोटापे की समस्या में लीवर एक नदारद कड़ी है और इस क्षेत्र में अब नए रिसर्च की गति बढ़ रही है । अखिल भारतीय स्तर पर कोई अध्ययन न होने से टुकड़ों-टुकड़ों में जो रिसर्च हो रहा है, उससे यह समस्या और भी जटिल होती जा रही है ।

डॉ. नंदी कहते हैं, ''लीवर में खुद को दोबारा मजबूत करने और ठीक करने की गजब की ताकत होती है.” नुकसान के बावजूद यह वर्षों तक काम कर सकता है, लेकिन एक समय के बाद यह नुकसान लीवर को इतना बिगाड़ चुका होता है कि उसका ठीक होना असंभव हो जाता है । इसीलिए डॉक्टर लीवर की बीमारियों को साइलेंट किलर यानी खामोशी से जान लेने वाली बीमारी कहते हैं ।

फैटी लीवर की बीमारी तब शुरू होती है, जब वसा (फैट्स) के अणु लीवर की कोशिकाओं में जमा हो जाते हैं , ऐसा मोटापे और मधुमेह के कारण होता है । रिसर्च से पता चलता है कि मोटापे और डायबिटीज से पीडि़त 70 से 90 फीसदी लोग इस बीमारी से ग्रस्त होते हैं , फैटी लीवर की बीमारी वर्षों तक खामोश रहती है । एक बार जब यह उस व्यक्ति को हो जाती है, जो शराब नहीं पीता या प्रति दिन 20 मिलीग्राम से भी कम शराब पीता है तो डॉक्टर इसे नॉन अल्कोहलिक स्टियोहेपेटाइटिस (स्टियो का मतलब वसा (फैट्स) और हेपेटाइटिस का मतलब सूजन है) या एनएएसएच कहते हैं ।

अगर एनएएसएच लीवर को इतना नुकसान पहुंचा देता है कि उसे ठीक नहीं किया जा सकता तो आगे चलकर सिरोसिस की बीमारी हो सकती है, लीवर काम करना बंद कर सकता है या फिर कैंसर भी हो सकता है । पहले से यह बताना असंभव है कि किसे सिरोसिस हो सकता है और किसे कैंसर, लेकिन फैटी लीवर की बीमारी जितने लंबे समय तक छुपा रहेगा, बीमारी का खतरा उतनी ही ज्यादा होगी ।
फैटी लीवर की बीमारी मोटापे का नतीजा है, लेकिन यह हमेशा एक खास रूप में ही नहीं नजर आती । लीवर की चर्बी उन लोगों में भी हो सकती है, जिनका न वजन ज्यादा है और न ही पेट बढ़ा हुआ है । 2010 में कोलकाता में इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च के शोधकर्ताओं द्वारा नमूने के तौर पर करीब दो हजार लोगों पर किए गए एक अध्ययन से चिंताजनक नतीजे सामने आए-"फैटी लीवर की बीमारी से ग्रस्त 75 फीसदी लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (ऊंचाई के मुताबिक वजन) सामान्य से कम था, जबकि 54 प्रतिशत लोगों का वजन ज्यादा नहीं था"।

वसायुक्त लीवर (Fatty liver) लक्षणों में प्रमुख हैं- थकान, वजन घटना या भूख की कमी, कमजोरी, मितली, सोचने में परेशानी, दर्द, लीवर का बढ़ जाना और गले या बगल में काले रंग के धब्बे । डॉक्टरों का कहना है कि करीब 90 फीसदी दिल की बीमारियां नौ जोखिम वाले कारणों से होती हैं-धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, असामान्य कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, असामान्य मोटापा, मनोवैज्ञानिक कारण, अपर्याप्त आहार, शराब पीना और नियमित शारीरिक गतिविधियों का अभाव,अब फैटी लीवर को दसवां कारक माना जाने लगा है । दुर्भाग्य से फैटी लीवर की बीमारी या एनएएसएच का अब तक कोई इलाज नहीं है । आहार में बदलाव, शारीरिक गतिविधि और वजन कम रखना ही एकमात्र उम्मीद है । डॉ. मिश्र कहते हैं, ''शरीर का वजन कम रखने से लाभ होता है.”लेकिन तेजी से वजन घटने से  लीवर को नुकसान होता है ।

परंतु हमने एक ऐसी दवाई खोज निकाली है जिससे वसायुक्त लीवर (Fatty liver) को 100% ठीक किया जाता है,हम 100% गारंटी लेते है आपके वसायुक्त लीवर (Fatty liver) को ठीक करने का क्योके हमने वसायुक्त लीवर (Fatty liver) का ईलाज पहेले भी बहोत बार किया हुआ है,जिसमे हमे 100% सफलता प्राप्त हुआ है । हम लोग वसायुक्त लीवर (Fatty liver) को पुर्ण: से ठीक करने के आयुर्वेदिक दवाई का खर्च 5,000/- रुपये लेते है और मरीज से ये भी कहेते है के "अगर तुम्हारा वसायुक्त लीवर (Fatty liver) 31 दिनों के अंदर ठीक नही हुआ तो हमसे 32 वे दिन 10,000/-रुपया लेकर जाना",इतना गारंटी कोई नही देता है । आप जो हमे ईलाज का शुल्क दे रहे हो उसको लाभ ना होने पर दुगने शुल्क में वापिस देने की बात को मैंने सोशल नेटवर्किंग पर ऐसे ही नही लिखा है,मुझे आयुर्वेद पर पूर्ण विश्वास है और माताराणी के प्रति पूर्ण आस्था है,जो मुझे मेरे इस कार्य मे सफल बनाता है ।

जो व्यक्ति हमसे वसायुक्त लीवर (Fatty liver) का ईलाज करवाना चाहता है,उन्हें हमसे ईलाज करवाने से पूर्व किसी लेबोरेटरी (Laboratory) से लिवर फंक्शन टेस्ट (Liver Function Test / LFT) करवाकर रिपोर्ट का कॉपी ईमेल से या फिर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजना है । आपका रिपोर्ट देखकर आपको दवाई भेजेंगे, जिससे आपको 100% सफलता मिलेगा और आपका लिवर नॉर्मल हो जाएगा । आपका ईलाज पूर्ण होने के बाद भी आप हमें नया लिवर फंक्शन टेस्ट (Liver Function Test / LFT) रिपोर्ट भेज सकते है ।


यह एक शुद्ध आयुर्वेदिक दवा है,जिससे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होता है । ईलाज के समय मे किसी भी प्रकार का कोई परहेज नही है,जो भी आपको खाना है पीना है वह आप कर सकते हो।


My email id- snpts1984@gmail.com
My whatsapp no.+1 (270) 551-1006


आप ईमेल से या व्हाट्सएप से हमसे संपर्क कर सकते है ।


आदेश.......

23 Mar 2018

लिवर का ईलाज (Curing the Liver)



लिवर खराब होने पर शरीर की कार्य करने की क्षमता न के बराबर हो जाती है और लिवर डैमेज का सही समय पर इलाज कराना भी जरूरी होता है नहीं तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। गलत आदतों की वजह से लीवर खराब होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। गलत आदते जैसे जैसे शराब का अधिक सेवन करना, धूम्रपान अधिक करना, खट्टा ज्यादा खाना, अधिक नमक सेवन आदि।

सबसे पहले लिवर खराब होने के लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है। जिससे समय रहते आपको पता रहे और इलाज सही समय पर हो सके। भारत में दस खतरनाक रोगों में से एक है लिवर की बीमारी। हर साल तकरीब दो लाख लोग लीवर की समस्या से मरते हैं। नए शोध के अनुसार भारत में 32 फीसदी लोग लीवर की किसी न किसी समस्या से ग्रसित हैं। लेकिन इसमें से सबसे अधिक वे लोग हैं जो अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं। लिवर में बीमारी होते ही यह सिरोसिस का रूप ले लेती है जिस वजह से लिवर टाइट,गांठ या भूरा जैसे होने लगता है।

लिवर को खराब करने वाले महत्वपूर्ण कारण:-
1. दूषित मांस खाना, गंदा पानी पीना, मिर्च मसालेदार और चटपटे खाने का अधिक सेवन करना।
2. पीने वाले पानी में क्लोरीन की मात्रा का अधिक होना।
3. शरीर में विटामिन बी की कमी होना।
4. एंटीबायोटिक दवाईयों का अधिक मात्रा में सेवन करना।
5. घर की सफाई पर उचित ध्यान न देना।
6. मलेरिया, टायफायड से पीडित होना।
7. रंग लगी हुई मिठाइयों और कोल्डड्रिंक्स का प्रयोग करना।
8. सौंदर्य वाले कास्मेटिक्स का अधिक इस्तेमाल करना।
9. चाय, काफी, जंक फूड आदि का प्रयोग अधिक करना।

लिवर प्रत्यारोपण-
लिवर जब पूरी तरह से खराब हो जाता है तब इसका एक ही इलाज बचता है वह है लिवर प्रत्यारोपण। यह एक कठिन और खतरनाक आॅपरेशन होता है। इस अवस्था में पीड़ित इंसान के लिवर को हटा के नए लीवर को लगाया जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि लीवर की समस्या का शुरूआती दौर में पता चलते ही अपने खान.पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

मुझसे एक 68 वर्ष की महिलाके बेटे ने संपर्क किया था,महिला का लिवर 90% खराब हो चुका था और उनका परिवार उनके बीमारी पर 40 लाख खर्च कर चुके थे परंतु उनके जिंदा रहने का कोई ज्यादा समय उनके पास नही बचा था । ऐसे समय मे उनको बेटे की आपबीती सुनकर उन्हें आयुर्वेदिक दवाओं के माध्यम से 16 दिनों में पूर्ण तरह से ठीक कर दिया । आज उनके मेडिकल रिपोर्ट देखकर विश्वास करना भी डॉक्टर लोगो के लिये कठिन हो रहा है परंतु एक बात लिखना चाहुगा के आयुर्वेद में सभी बीमारियों के इलाज है और दुनिया कोई भी बीमारी 7 दिनों से लेकर 90 दिनों में खत्म की जा सकती है । मैं पिछले 15 वर्षों से लिवर का दवाई रोगियों को दे रहा हूँ और आज तक ऐसा नही हुआ के आयुर्वेदिक दवाओं से लिवर ठीक नही हुआ होगा । लिवर कम से कम 7 दिन और ज्यादा से ज्यादा 30 दिनों में ठीक किया जा सकता है,बड़े बड़े हॉस्पिटल में लाखों रुपए खर्च करने पर भी लिवर ठीक नही होता है,ये मैने बहोत सारे रोगियों से सुना है । मैं रोगियों का सबसे पहले मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट देखता हूं जिसमे लिवर के खराब होने के बारे में लिखा होता है,उसके बाद ही लिवर का दवा उन्हें देता हूँ और उन्हें चुनौती के साथ बोलता हूँ "अगर तुम्हारा लिवर आयुर्वेदिक दवाओं से ठीक नही हुआ तो 95% पैसा रिफंड मेरे से ले लेना " । लोगो को लाखों रुपए खर्च करके भी आराम नही मिलता और यहां हम लोग सिर्फ 5 हजार रुपए लेते है,जिसमे रोगी को आराम नही मिला तो 4500 रुपया वापिस भी कर देते है ।
कौनसा हॉस्पिटल या डॉक्टर लाखो रुपये लेने के बाद 1 रुपया भी वापिस नही देता है परंतु हम लोग रिफंड दे देते है क्योंकि हमें आयुर्वेद पर 100% विश्वास है के रोगी का रोग ठीक हो सकता है । मुझे मेरे इस कार्य के वजेसे से एक संस्थान के तरफ से 10 वर्ष का सम्मानजनक अनुभव प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुआ है और मातारानी के कृपा से लिवर के साथ किडनी का इलाज भी कर लेता हूँ । अभी तो आज सिर्फ इन दो विषय पर ही लिखा है और भविष्य में बाकी रोगों के विषय पर भी लिखूंगा जिसमे हार्ट ब्लॉकेज, कैंसर, डाईबेटिज,ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर बीमारियों पर आवश्यकता नुसार लिखेंगे ।

लिवर और किडनी के रोगी जिन्हें अभी तक ईलाज करने पर भी आराम ना मिला हो वह लोग अवश्य संपर्क करे,डरने की कोई बात नही है । आपको सही तरह से ठीक करना और आपको स्वास्थ्य रहने हेतु सभी प्रकार के प्रयास अवश्य करूँगा ।

My whats app no.
+1 (270) 551-1006

संपर्क हेतु ई-मेल करे-
snpts1984@gmail.com



Curing the Liver

If the Liver is damaged, the body loses its capacity to function and if it is not treated well on time it can become seriously threatening to the body. Bad habits lead to Liver damage. For example, excessive drinking, excessive smoking, eating very salty food etc.

Firstly, it is important to recognise the signs of Liver damage. So that we can diagnose ourselves and get us treated on time. Every year 2 lakh people die of diseases related to Liver. According to new researchs almost 32% of Indians are afflicted by some sort of Liver disease. Most of these people are excessive drinkers. Liver damage takes the form of cirosis which can turn the Liver tight, brown or even have hard knots in it.
Main reasons for Liver diseases-

1. Having contaminated meat, drinking dirty water, eating very salty or spicy food.
2. Drinking water with excessive chlorine on it.
3. Deficiency of vitamin b
4. Having a lot of antibiotics
5. Not keeping the house clean
6. Having malaria or typhoid
7. Having coloured sweets or soda
8. Using a lot of beauty cosmetics
9. Drinking excessive coffee, tea or having too much junk food.


Liver transplant

When the Liver is damaged beyond repair, only one thing can be done. Liver transplant. It is a difficult and dangerous operation. The old Liver is removed and a new one is added. That is why if one comes to know about his Liver disease at an early stage he should keep a strict control over his diet.
I was contacted by the son of a 68 year old woman whose Liver had been damaged completely. The family hd spent 40 lakh on her treatment but it seemed nothing was working. After hearing about this from her son i treated her with ayurvedic medicines and cured her in 16 days. Even doctors find it hard to believe that she is completely cured. I would like to add that all the world's diseases can be cured with ayurveda, within 7-90 days. The Liver diseases can be cured within 7-30 days at the best. I always see my patients test report and then give them the medicine along with the challenge that if it doesn't work I'll refund 95% of your money. We take only 5000 rs for the treatment, unlike hospitals that charge lakhs of rupees, and 4500 is refunded if the patient does not feel better. No hospitals offer refund, but we do, because we have 100% faith on ayurvedic medicine. Because of this work, I have received a respectful certificate from an institute validating my 10 years of experience and by the grace of the goddess i can even treat kidneys
I've written only on two topics today, but I'll write more, including heart blockage, cancer, diabetes, blood pressure, etc.

All those Liver and kidney patients who haven't had relief anywhere else feel free to contact me, don't worry. I will do my best to treat you and make you healthy again.

My whats app no.
+1 (270) 551-1006



आदेश.....