2 Feb 2014

ITAR YONIYA-YAKSHINI & BOOT..........


औघड़ गोलक के साथ आपको होली का बभूत भेजा जा रहा है और गोलक को हमेशा बभूत मे ही रखना है अन्यथा आपको परेशानी हो सकता है क्यूके गोलक के साथ हमेशा शक्तिया घूमता-फिरता रहेता है जिन पर उनको बभूत मे रखने से काबू पाया जाता है,आपको इस के ऊपर किया जाने वाला हर साधना भेजा जाएगा अभी तो सिर्फ 2 साधना ये भेज रहा हु,आप जब भी साधना करे तो आपको औघड़ गोलक को जब भी साधना मे स्थापित करना हो तो आप चावल या कोई भी बभूत का ढेरी बनाये और उसिपे औघड़ गोलक को स्थापित कीजिये,साधना के समय गोलक का भी पूजन आवश्यक है,पूजन सामान्य पद्धती से करना है सिर्फ जल चढाना वर्जित है॰गोलक को सिर्फ साधना काल मे ही स्थापित रखिये बाकी समय बभूत के साथ डिब्बिया मे रखिये अगर आपको महसूस हो रहा हो के आपके उपर किसी प्रकार का तंत्र-मंत्र का बाधा है तो थोडासा बभूत डिब्बिया से निकाल कर अपने आपको या फिर पीड़ित को बभूत का तिलक महामृत्युंजय मंत्र बोलकर करे तुरंत असर होगा,तिलक शाम को गौधूलि वेला मे करना आवश्यक है बाकी समय मे करने से असर धीमा होता है कार्य पूर्ति के बाद किसी गरीब को कुछ दान कर दीजिये तो आपको भी अच्छा लगेगा और हा अगर घर के ऊपर तंत्र-मंत्र का बाधा हो तो बभूत को एक ग्लास पानी मे मिलाकर पूरे घर मे जल के छीटे लगा दीजिये समय गौधूलि वेला ही होगा.............विशेष कार्य को जाते समय अपना कामना गोलक को स्पर्श करते हुये बोलिये और कार्य को सम्पन्न कीजिये फायदा मिलेगा॰



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यक्षिणी साधना

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इस साधना से 100% यक्षिणी प्रत्यक्ष होती है और आप का कामना पूर्ण करती है,यह साधना किसी भी शुक्रवार से आप कर सकते है,साधना पाच दिवसीय है इसमे आपको प्रथम और आखरी दिवस अनार का बली देना है और रोज लड्डू का भोग लगाना है,जब यक्षिणी प्रत्यक्ष हो तो उसके हाथ मे एक लड्डू देना है,साधना काल मे आपको कर्पूर का सुगंध आयेगा तो समज जाना चाहिये के आप साधना मे सफल हो रहे हो,यह साधना आपको आपको 1-2 बार करने से पूर्ण सिद्ध हो सकती है,मंत्र भी आसान है जो तांन्त्रोक्त बीजो से युक्त अघोर है जो इस दुनिया के किसी भी किताब से प्राप्त नहीं हो सकता है,गुर परंपरा से मंत्र अभी भी गोपनिय है जिसे औघड़ गोलक के साथ आपको भेज रहा हु आपका ई-मेल चेक कीजियेगा,इस साधना मे कोई भी गलती ना होने दीजिये रोज 21 माला जाप रात्रि मे 10:30 बजे से शुरुवात करना है,गोलक को चावल के ढेरी पर स्थापित करके उसको देखते हुये मंत्र जाप कीजिये,माला रुद्राक्ष का चाहिये,साधना काल मे सत्य बोले किसिका दिल ना दुखाये और यक्षिणी को प्रत्यक्ष करने मे आप अपना 100% दीजिये पूरे लगन से साधना कीजिये,परिणाम का चिंता ना कीजिये सिर्फ साधना के सफलता पर ध्यान दीजिये,यह एक जादुई मंत्र है जिसका असर बहोत गज़ब का है,इस साधना से जहा यक्षिणी प्रत्यक्ष होती है वही साधक का कुंडलीनि भी जाग्रत होता देखा गया है और असंभव से संभव मनोकामना भी पूर्ण होता है,चाहे मनोकामना प्रेम के प्रति हो या रोजगार के प्रति हो पूर्ण तो होता ही है॰कोई भी साधना के प्रति परेशानी हो तो कॉल कीजियेगा.............


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भूत सिद्धि साधना

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यह बहोत आसान सा साधना है जिसे 11 दिन तक करना है और सिर्फ 21 माला मंत्र जाप करना है इसमे भी लड्डू को भोग लगाना है और जब भूत प्रत्यक्ष हो तो उससे वचन मांगे जो भी आप चाहते है,इस साधना से अन्य देवी-देवता के दर्शन प्राप्त करने मे बहोत मदत मिलता है यह एक कटु सत्य है उन लोगो के लिए जो भूत साधना को खराब मानते है,जहा देवी-देवता के दर्शन के लिए साधक व्यर्थ ही कई वर्ष लगा देते जहा की भूत के माध्यम से यह कार्य कुछ ही महीनो मे हो जाता है,दिशा-दक्षिण आसन-वस्त्र काले रंग के हो समय रात्रि मे 10 बजे के बाद,साधना के लिए आवश्यक सामग्री एक मट्टी का दिया,सरसो का तेल,काजल और चावल,औघड़ गोलक॰साफेद वस्त्र पर काले रंग के काजल से पुरुष आकृति बनाना है,इस वस्त्र को चावल के ऊपर स्थापितकरना है,आकृति मे पुरुष के हृदय पर औघड़ गोलक स्थापित कीजिये और गोलक को देखते हुये मंत्र जाप करना है,साधना समाप्ती के बाद लड्डु गरीबोमे बाट दे और सफ़ेद वस्त्र को जल मे प्रवाहित कर दे॰ यह मंत्र भी किसी भी किताब से प्राप्त नहीं हो सकता है और साधना अच्छे कार्यो को सम्पन्न करवाने के लिए कीजिये अन्यथा आपके हानी का जिम्मेदार मै नहीं हु बाकी साधना हेतु मै गारंटी लेता हु॰साधना से पूर्व एक बार मुजसे संपर्क कीजियेगा,बाकी सूत्र भी बता दुगा..............




श्री-सदगुरुजीचरनार्पणमस्तू.............. 

21 Jan 2014

मोहिनी विद्या-वशीकरण साधना (MOHINI VIDYA-VASHIKARAN SADHNA.)



कई दिल टूटते है कई दिल जुडते है,आज का विषय विशेष सबके के लिये है क्यूके किसिने ने ठिक ही कहा है “दिल बड़ा डरपोक होता है इसिलिये दिल की बात जुबा पर आकर रुक जाती है और जिंदगी भर का दुख देकर रह जाती है”,अब यहा पर प्रेम को समझना तो कठीण है फिर भी प्रयास करता हु.........
वो है तो जीवन है,वो आंखो के सामने हो तो खुशी होती है ना हो तो बैचेनी होती है,हर वो उसकी बात अच्छी लगती है चाहे वो फिर कुछ भी कह दे...............
इससे ज्यादा मै नहीं लिख सकता परंतु यहा से शायद शुरवात होती है,शुरवात होने से क्या होगा जब आप प्रेम करते हो तो बोल क्यू नहीं सकते,क्या समय जाने के बाद बोलेगे,प्रेमवीरों को येसा लगता है इजहार करना मतलब जंग लढने के बराबर है जीतेगा वही जिसे आगे से अच्छा वही सुनने मिलेगा जो इस के ने दिल ने उसे कहा हो,वारे मेरे शेरो............,ये सब उन लोगो का कहानी है जिसे सुन-सुन कर मेरा पी॰एच॰डी हो गया,अब ये सब सुनने का शक्ति मेरे अंदर नहीं “भाई जी बचालों उसका शादी होने वाला है(रोते हुये बोलते है),नहीं तो मै मर जाऊंगा(इस लाइन पे ज्यादा रोते है)”॰
आज यहा पर मोहिनी विद्या से संबन्धित साधना दे रहा हु,जिसका मंत्र बहोत से लोगो ने कही ना कही पढ़ा होगा परंतु सफलता मिला नहीं क्यूके साधना के गोपनीय सूत्र इन्हे पता नहीं थे,साथ ही एक अनुभव भी बता रहा हु जो इस साधना से जुड़ा हुआ है..........
इस बार २०१३ दिवाली के अवसर पर ग्रहण था,ग्रहण का काल ५ घंटे का था उस समय मेरा साधना ३:४५ घंटे मे पूर्ण हुआ और कुछ समय बाकी था ग्रहण पूर्ण होने मे येसे समय पर मुजे मेरे डायरी मे यह मंत्र मिला,नसीब से साधना का सामग्री मेरे पास था ही तो मैंने सोचा ये मंत्र जाप कर लेते है,तो ३०-४० मिनिट तक जाप किया और सरसों के तेल से १०८ बार मंत्र बोलकर आहुति दे दिया और हवन मे एक नींबू का बली दे दिया,बस हो गयी साधना.................साधना का आवश्यकता तो मुजे पड़ा नहीं,परंतु कुछ दिन पूर्व मेरा एक मित्र मेरे पास आया वो भी प्रेमवीर है अब और होना क्या था उसने अपनी अत्यंत दुखभरी कहानी सुनाई “मै प्रेम उससे बहोत करता हु परंतु कह नहीं पाता कुछ,तू कुछ करदे यार अमन मेरे लिए नहीं तो मर जाऊंगा उसके बिना”॰ तो मैंने जैसा मोहिनी मंत्र विधि के बारे मे सुना था उस हिसाब से मिठाई पर १०८ बार मंत्र बोलकर मिठाई को दम किया और उसे बोल दिया जाकर लड़की को युक्ति से खिलादे,जैसा उसे बोला वैसा ही उसने किया परंतु ४-५ दिन हो गये कुछ असर नहीं हुआ,वह फिर मेरे पास आया और अपनी कहानी सुनाई और रोने लगा...............मैंने तो आप सभी के तरहा यही सोचा यार मंत्र येसा ही है ये प्रभावी नहीं है शायद फेक है.........और भी कुछ..........,उस समय सदगुरुजी की एक बात याद आयी सही विधि जानते हो तो असर होगा और मंत्र कभी निष्फल नहीं होते निष्फल साधक होता है,इसलिये फिर से प्रयास करने के बारे मे सोचा और एक पुराने साबर विद्या के विषय मे ज्ञान रखने वाले मित्र से पूछा तो उसीने मेरा सहायता किया और प्रामाणिक विधि बताई जिससे मेरे मित्र का कार्य आसानी से कम समय मे ही पूर्ण हो गया,वशीकरण का प्रभाव भी अच्छा हुआ..................आज कुछ दिनो से मेरा प्रेमवीर मित्र बड़ा ही खुश है॰
अब इस बार आपकी बारी है आप भी इस प्रयोग को कीजिये और सच्चे प्रेमवीर के तरहा अपना प्रेम प्राप्त कीजिये जिस पर आपका हक है,किसी और के हाथो मे ना जाने दे नहीं तो सारा जीवन खराब हो जायेगा,भाई अब मेरा भी इच्छा नहीं है येसा “एक था प्रेमवीर”की कहानी सुनने का............थक गया मित्रो मै येसा कहानी सुन-सुन कर,क्षमा करे परंतु यह सत्य है कृपया इसको दिल पर मत लीजिये............


मोहिनी मंत्र:-



ॐ नमो आदेश गुरु का । मोहिनी मोहिनी कहा चली । बाहर खुदाई काम कन चली । फलानी फलाने को देखै,जरै मरै । मेरे को देखकर पायन पडै । छु मंत्र काया ,आदेश ,गुरु की शक्ती ,मेरी भक्ति ,फूरो मंत्र ईश्वरो वाचा ॥




किसी भी शुभ मुहूर्त मे इस मंत्र का आसन पर बिना हिले-डुले रुद्राक्ष माला से ११ माला मंत्र जाप कीजिये और मंत्र जाप के बाद १०८ बार मंत्र बोलते हुये सरसो के तेल से हवन मे आहुती दीजिये,हवन मे पूर्ण आहुती के बाद नींबू का बलि मंत्र बोलकर देना है और थोडासा उसी नींबू का रस नींबू को निचौड कर डाल दीजिये,यहा मंत्र सिद्धि पूर्ण होता है,दिशा-पच्छिम वस्त्र लाल रंग के उचित है॰
मंत्र सिद्धि के बाद ५ प्रकार के जड़ी-बूटी का पाउडर बनाना है और उसीपे १०८ बार मंत्र बोलकर ३ फूँक मारे फिर जिसको भी खाने मे देगे वह आपके अनुकूल होगा,यह क्रिया आप अपने लिए भी कर सकते है और किसी और व्यक्ति के लिये भी कर सकते हो,यह ५ प्रकार के जड़ी-बूटी पंसारी के दुकान मे मिलता है परंतु इसमे “पायजोड़ी” नामक जड़ी-बूटी मिलना शायद मुश्किल हो परंतु धुंडीये मिल जायेगा किसी-ना-किसी दुकान मे,आप एक बार यह ५ प्रकार का जड़ी-बूटी कही से प्राप्त कर लेते है तो आपको इसमे बहोत सारे कार्य बन जायेगे क्यूके इसमे येसा नहीं “एक बार पाउडर बनाओ तो एक ही बार काम मे आये,जब तक पाउडर समाप्त ना हो तब तक काम मे आयेगा”,इस ५ प्रकार के जड़ी-बूटी के नाम है -
1)हाथजोडि,2)पायजोडि,3)इंद्रजाल,4)मोहिनीजाल,5)मायाजाल.

अगर आपको यह असली जडि-बुटिया प्राप्त हो तो पावडर बनाये और लाभ उठाये.जडि-बुटिया ना मिले तो निराश नही होना "मेरे पास पावडर तय्यार है,जो जिसे बनाने की लागत का खर्च 1900 रुपये है और मै आपको 2070 रुपये मे दुगा",बात येसा है जब बैंक मे कोई पैसा डालता है तो बैंक वाले 50 रुपया कट कर देते है और 20 रुपये पैकिंग का खर्च है,100 रुपये कुरीयर का खर्च.इसलिये आपको यह पावडर 2070 रुपये मे मिलेगा.जडि-बुटियो की किमत भी लिख देता हु-


1)हाथजोडि-800 रुपये
2)पायजोडि-850 रुपये
3)इंद्रजाल-50 रुपये
4)मोहिनिजाल-100 रुपये
5)मायाजाल-100 रुपये.


ये सभी असली मिलने वाले सामान का राशी है और डुप्लीकेट सामान तो इससे थोडा सस्ते मे मिलता है,कुल 200 रुपये का फर्क पडेगा कुछ ज्यादा नही.पहिली बार पाचो जडि-बुटियोका फोटो भी दे रहा हू मित्रो.जिन्हे तय्यार पावडर चाहिये वो लोग हमसे सम्पर्क करे.


मेरे ई-मेल आय॰डी॰ - amannikhil011@gmail.com


और हा विषय मे प्रेमवीर लिखना मत भूलिये हा हा हा ............क्षमा करे,मज़ाक कर रहा हु.......स्माइल.......



Academic siren captivate Silence
(MOHINI VIDYA-VASHIKARAN SADHNA.)


Many hearts are broken many hearts Judte, today's theme is special for everyone Kyuke Kisine said he is OK "Therefore, the heart is big timid heart is stopped at Juba and suffering of life leaves him" Now here's the tough love, but then tries to understand Hu .........
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I can not write much, but here it is probably undergo is triggered, you will undergo is triggered by being in love, if you can not speak the cue, after what time Bolege, Premviron meant to express the Yesa think war is equivalent to Ldne The next hearing of the good that will win the hearts of those who told him this is my Shero ............ Ware, is the story of all those people that hear-hear my drink. HD is, now all that power inside of me not listening "is going to marry her brother-in-law Bchalon (will cry speak), otherwise I will die (on the line is much weeping)".
I am here today on the siren to give lore related discipline Hu, whose mantra was not made to be read by people from bringing success but did not know him Kyuke Silence confidential sources, as well as an experience telling Hu also linked to this practice Has happened..........
Diwali 2013 was assumed at the time, it was assumed that the period of 5 hours of 3:45 hours in my practice was completed and took some time to be completed in the time Yese Muze people I met on this mantra, luck Silence of the content was the same, so I thought I would have chanted the mantra, then 30-40 minutes and mustard oil chanted mantra 108 times, gave voice offerings and ritual sacrifice in giving a lemon, just delusional ................. practice of meditation need not have Muze then, but a few days ago a friend of mine came up to me now and be what he was Premvir his extremely sad story hear "I love him, but can not say something extremely Who does, you will die some impediment man of peace, not for me without him." I had heard about a similar method siren chants that mantra 108 times, depending on the sweet sweet voice the pot and broke it, and the girl from the device Khilaade, as he spoke, but he did so 4-5 days have had no effect, he came to me again and told his story and wept ..... .......... I love you all the same thought Trha Yesa mantra is not only the effect is probably fake and some ........ ......... .., then remembered the one thing right method of Sdguruji know the impact and spells are not sterilized sterilized seeker never happens, so thought about trying again and knowledgeable in the subject of an old suede lore friends I asked my help specie and explaining how authentic the work of my friends was easily completed in a short time, the effect is good .................. Captivate Today few days Premvir friend of mine is very happy.
You can also use this time now it's your turn to enter the true Premvir Trha secured his love which is your right, not in the hands of someone else and not let your whole life will be ruined, brother, now I do not even wish Yesa "was one Premvir" Friends, I am tired of hearing the story ............ Yesa of hearing and hearing the story, sorry but it's true, please do not take it to heart ..... .......


In the seat of the mantra without any auspicious Rudraksha beads and move motionless Top 11 garland chanting and chanting the mantra 108 times Speaking of mustard oil on the fire, please Ahuti, lemon sacrificial ritual in full after Ahuti The mantra is to give voice and slightly to the lemon juice lemon Nichaud Pour mantra here is absolute perfection, direction-west is appropriate to wear red.
After spells accomplishment 5 kinds of herbs to powder and 3 Useepe voice breathed mantra 108 times, which killed then shelve it in the food you will adapt to this action you can do, and also for another person can do it in 5 types of herbs in the grocery store to get it, but "Pijodi" to get the herbs will probably be hard to find someone-not-a shop in Dhundiye But, once you type the 5-studdedThe name of the herb -

1)हाथजोडि,2)पायजोडि,3)इंद्रजाल,4)मोहिनीजाल,5)मायाजाल.

If you get this real Jdi-Butia powder made and then not get the benefit Utayeljdi-Butia not be disappointed, "I have prepared powder, which make the cost of which is Rs 1,900 and Rs am in the 2070 Duga" , Yesa thing when someone puts money in the bank, so the bank would have to cut 50 rupees and 20 rupees is spent packing, courier Rs 100 to Rs 2070 in Krckisliye powder Milegazjdi-Butio you write the Price Hu- means
1) Hathjodi Rs -800
2) Pijodi Rs -850
3) magic 50 bucks
4) Mohinijal Rs -100
5) -100 Rs illusion.
The sum of all goods received is genuine and duplicate stuff to get it on some cheap, some will have a difference of Rs 200 times more Nhikphili Pacho am giving Jdi-Butioka photos Mitrokjinhe powder prepared us they want Contact.
My e-mail I. D. - amannikhil011@gmail.com
Do not forget to write on the subject Premvir ha ha ha ha ............ sorry, joking smile Hu ....... .......

आदेश..................



18 Jan 2014

श्मशान काली सिद्धि दिवस


श्मशान काली सिद्धि दिवस (29/01/21014) को सभी वर्ग के साधक अत्यंत श्रेष्ठ मुहूर्त मानते है,येसे पावन पर्व पे अगर श्मशान काली साधना किया जाये तो यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात होगी.........इसी दिवस पर श्रेष्ठ साधक सुरक्षा कवच का निर्माण करते है जो उन्हे वर्ष तक सहाय्यक होता है,परंतु आज हम बात करेगे श्मशान काली जी का जिनका रूप अत्यंत भव्य है जिसका कोई स्तुति नहीं कर सकता है,परम पूजनीय आदिगुरु शंकराचार्य जी ने श्मशान काली जी की स्तुति पूर्ण चैतन्ययुक्त शब्दो मे कियी है जिसका नाम है “काली श्मशानालयवासिनीम स्तोत्र”मे किया है,इस स्तोत्र का पाठ करने से माँ भक्तो को जहा दर्शन देती है वही सभी समस्याओ से मुक्त भी करती है............मेरा नम्र निवेदन है आपसे इस स्तोत्र को आप प्राप्त कीजिये और कम से कम रोज एक पाठ इस दिवस से शुरू करते हुये एक वर्ष तक कीजिये तो आपको तंत्र शक्ति प्राप्त होगा जिसके माध्यम से आप गुरुकार्य कर सकते हो और अपना साधनात्मक कद भी आगे बढ़ा सकते हो...........इसी विषय को समजते हुये तंत्र के महान साधकोने श्मशान काली साधना करके अपने जीवन को बाधामुक्त,भयमुक्त एवं दोषमुक्त बनाया जिसके बाद उन्हे प्रत्येक साधना मे निच्छित सफलता मिला,यह कोई आम बात नहीं येसे तांत्रिको को हमे सदैव धन्यवाद करना चाहिये जिन्होने श्मशान तंत्र को भी जीवित रखा नहीं तो आज हम लोग येसे मंत्र प्राप्त नहीं कर पाते॰
आज यहा मै सौम्य श्मशान काली साधना दे रहा जिसके माध्यम से बहोत सारे भौतिक और आध्यात्मिक सफलताये प्राप्त होती है,इस साधना से हर समस्या का समाधान प्राप्त होता है इसीलिये मुजे लगता है के ज्यादा कुछ लिखने का आवश्यकता नहीं है...........

विनियोग:-


        अस्य श्मशानकाली मंत्रस्य भृगुऋषी: । त्रिवृच्छन्द: । श्मशानकाली देवता । ऐं बीजम । ह्रीं शक्ति: । क्लीं किलकम । मम सर्वेष्ट सिद्धये जपे विनियोग: ।


ध्यान:-


                   अन्जनाद्रिनिभां देवी श्मशानालय वासीनीं ।
                   रक्तनेत्रां मुक्तकेशीं शुष्कमांसातिभैरवां ॥
                   पिंगलाक्षीं वामहस्तेन मद्दपूर्णा समांसकाम ।
                   सद्द: कृ तं शिरो दक्ष हस्तेनदधतीं शिवाम ॥
                   स्मितवक्त्रां सदा चाम मांसचर्वणतत्पराम ।
                   नानालंकार भूशांगीनग्नाम मत्तां सदा शवै: ॥
  
 माँ को हृदय मे स्थापित करना है इसलिये यहा सिर्फ हृदयादि षडंगन्यास दे रहा हु


 हृदयादि षडंगन्यास:-

                      ऐं हृदयाय नम: ।
                      ह्रीं शिरसे स्वाहा: ।
                      श्रीं शिखायै वषट ।
                      क्लीं कवचाय हुं ।
                      कालिके नेत्रत्रयाय वौषट ।
                      ऐं श्रीं क्लीं कालिके ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं अस्त्राय फट ।
                             इति हृदयादि षडंगन्यास: ॥


मंत्र:-



          ॥ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं ॥

Aim hreem shreem  kleem kaalike kleem shreem  hreem aim



यह साधना 3 दिन का है और इसमे रुद्राक्ष माला से 11 माला मंत्र जाप करना आवश्यक है,तीसरे दिन साधना समाप्ती के बाद हवन मे काले तिल से 374 बार मंत्र मे स्वाहा लगाकर आहूती दीजिये मंत्र इस प्रकार होगा “ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं स्वाहा”,आहुती के बाद नींबू का बलि देना है और नींबू का थोड़ा सा रस हवनकुंड मे निचौड दीजिये,समय रात्री मे 10 बजे के बाद,दिशा दक्षिण,आसन-वस्त्र लाल/काले,भोग मे तिल और गुड के लड्डू जो मार्केट मे आसानी से मिलते है परंतु प्रयत्न कीजिये घर पर लड्डू बनाने का,महाकाली जी के चित्र पर रोज लाल रंग का पुष्प चढ़ाना मत भूलीयेगा॰यह साधना विधि पूर्ण प्रामाणिक है और शीघ्र फलदायी भी है...............इस साधना का असर साधक को एक वर्ष तक प्राप्त होता रहता है...........
साधना से जुड़े हुये सवालो को पूछने के लिये आप मुजे मेल कर सकते है,मै जल्द ही आपको जवाब भेजूगा॰

                    मेल आई॰डी॰- amannikhil011@gmail.com



श्री सदगुरुजीचरणार्पणमस्तू.......................................................


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येसे श्रेष्ठ मुहूर्त पर “औघड़ गोलक” को प्राण-प्रतिष्ठित करके इसी दिवस पर भेज दिया जायेगा,कृपया इससे संभन्धित बाकी बची राशी को 28/01/2014 तक भेज दीजिये क्यूके सदगुरुजी की कृपा से गोलक संभन्धित क्रियाये पूर्ण हो रही है॰

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25 Dec 2013

औघड़ गोलक साधना

जय औघड़नाथ ………

 

आज एक रहस्य कि बात लिख रहा हु बहोत दिनों से मै और मेरे साथ में कार्य करने वाली टीम मिलकर औघड़ साधना के लिये प्रमाणिक सामग्री का व्यवस्था कर रहे थे जिसमे हमें पावागढ़ स्थित योगी त्रिलोकनाथ जी से संपर्क में थे,आप में से जो भी व्यक्तिगत उनसे मिलना चाहते हो तो मै मिलवा दुगा,उन्होंने हमारे टीम को एक कार्य दिया था "औघड़ गुटिका"को पारद द्वारा निर्मित करने का जिसका विधि इस प्रकार था ………… 

२ किलो पारद द्रव्य को भूतकेशी,जटा-शंकर,अमर-कंटकी और काला-बचनाग के रस में मिलाकर किसी भी अमावस्या के दिन जहा पे कोई प्रेत जलाया जायेगा उसी स्थान में आधा-एक  फिट का गड्ढा खोदकर गाड़ देना है,इस द्रव्य पे कम से कम तिन चिता जलना चाहिए ताकि अग्नि के ऊर्जा से यह द्रव्य का मिश्रण सही तरह से पक जाये,उन्होंने एक बात समझायी जैसे भूतकेशी किआ रस मिलाने से भोट-प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है और साथ में ही इन साधना मे १००% पूर्ण सफलता शीघ्र मिलता है,जटा-शंकर का रस डालने से स्वयं भूतनाथ का स्थापना होता है जिसके माध्यम से साधनात्मक सभी दोष निकलते है और इतर योनि साधनाये आसानी से सिद्ध किया जा सकता है,अमर-कंटकी तो अपने आपमें एक ऊर्जा है जैसे इससे बने आसन पर बैठकर साधना करो तो शरीर में विशेष ऊर्जा का प्रवाह होता है,शरीर बहोत ज्यादा गरम होता है और साधना में बैठने का क्षमता बढ़ जाता है,काला बचनाग का जड़ सन्यासी भाई हमेशा अपने आसन के निचे रखकर साधना करते है जिससे उन्हें महाविद्या साधना में पूर्ण सफलता मिलाता ही है और गृहस्थ सिर्फ सिद्ध करने के पीछे अपने चिंतन को बनाये रखते है जिसमे सफलता का उम्मीद नहीं होता है.

जब यह द्रव्य पक जाये तो उसे गोलक के रूप में आकार देना है और बकरे के गर्दन के निचे सारे गोलक(गुटिका) रखकर बकरे को इस तरह से कटना है के उसका रक्त गोलक के ऊपर से बहेना चाहिए ताकि गोलक में जान आजाये,येसे गोलक को औघड़ गुटिका कहा जाता है 

उन्होंने हमें ६ साधनाये प्रदान किया है जो पूर्ण सिद्ध साधना है जिनमे सफलता प्राप्त करना अब आसान हो गया है,हमने अब तक इस गोलक पर ३५ हजार रुपया खर्च किया है और हमें सिर्फ इनमेसे ४ गोलक का काम है,इस द्रव्य से ९-१० गोलक बन सकते है कुछ ज्यादा नहीं,हम इस गोलक को कॉन्ट्रीब्यूशन करके साधकोंको देना चाहते है,एक गोलक को बनाने मे ३५०० रुपये का खर्च होता है.............. इसमें किसी प्रकार का कोई भी इनकम नहीं है,क्युकी एक गोलक एक साधक के लिए बहोत है तो ५-६ बचे हुए गोलक का हमें क्या फायदा इसलिये इन्हे हम बाकि साधकोंके हाथ में सौप रहे है और साथ में वह ६ साधनाये भी,फिर भी अगर कोई साधक इस गोलक को लेकर योगी त्रिलोकनाथ जी के सानिध्य में संपन्न करना चाहता है तो उस साधक का संपर्क हम उनसे करवा देगे और आप उनके सानिध्य में यह सिद्ध साधनाये कर सकते है.

अब तक द्रव्य के ऊपर दो चिता ये जल चूका है और कुछ ही दिनों में यह गोलक पूर्ण होने के स्थिति में है ................ 



जो भी साधक भाई  इस अवसर का लाभ उठाना चाहते है वह मुज़े ईमेल कर दीजिये "amannikhil011@gmail.com" ,मै  उनको जल्द ही गोलक और ६ साधनाये भेजने का प्रबंध करवाता हु और साथ ही योगी त्रिलोकनाथ जी से संपर्क करवा देता हु ताकि आपको उनका पूर्ण मार्गदर्शन मिल सके,भारत में येसा गोलक आज के समय में कोई भी निर्मित नहीं करता है,गोलक बनाना मुश्किल ही नहीं बल्कि एक चुनौती भरा कार्य है जिसे अथक प्रयासो से पूर्ण होते देखा जा रहा है,येसा गोलक कोई और बनाके दिखादे तो सारे गोलक उसे हम फ्री में दे दे .............. 

इस गोलक के और भी कई लाभ है जिन्हे आप अनुभूतित कर सकते है और यह साधनाये अपने घर पर बैठकर योगी त्रिलोकनाथ जी से संपर्क करने माध्यम से कर सकते है………………और भी कुछ जानना चाहते हो तो ईमेल से संपर्क होगा क्युकी फेसबुक पर अब मै नहीं हु............... 

 

 

श्री-सदगुरुजी-चरणार्पण मस्तु

10 Nov 2013

BHOOT SIDDHI SADHNA


तंत्र का एक अलग ही गति होता है,वह गति जिसे मापना संभव ही नहीं बल्कि नामुमकिन है,और इसी तंत्र के क्षेत्र मे इतर योनियो से संपर्क करने का यह सर्वश्रेष्ठ दिवस माना जाता है “भूत तंत्र सिद्धि दिवस जो १५ दिसंबर २०१३ के अवसर पर है,इस दिन का रात्री का पर्व स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है,परंतु विवशता के कारण आज तक यह साधना देने मे बहोत ज्यादा समय लग गया फिर भी साधक वर्ग का चाहत इस साधना हेतु बहोत ज्यादा है,यह साधना है अपितु एक क्रिया भी है॰यह साधना कमजोर हृदय के व्यक्ति ना करे अन्यथा परिणाम आपको ही भुगतने पड़ेगे,१५ तारीख से पूर्व आप कोई भी सुरक्षा कवच या मंत्र सिद्ध कर लीजिये ताकि साधना मे आपको परेशानी के समय सहायता प्राप्त हो,यह साधना ज्यादा से ज्यादा १-२ घंटे का ही है और एक ही दिवसीय है,साधना से पूर्व किसी भी पीपल के पेड़ का व्यवस्था कर ले ताकि आप रात्री मे वहा साधना सम्पन्न कर सके,वहा पे आपको कोई परेशान ना करे और नहीं आपको वहा कोई देखने वाला हो,साधना एकांत मे करनी है,समय रात्रि मे ११:३६ से १२:३६ रहेगा सारी क्रिया इसी समय मे करनी है और प्रत्यक्षीकरण इसी समय मे होगा,साधना मे किसी माला का आवश्यकता नहीं है हा हो सके तो इतर योनि सुरक्षा कवच आप गले मे धारण कर सकते है जिससे आपको कोई शक्तिशाली भूत सिद्ध हो,सर्वप्रथम एक नारियल का कटोरा लेना जैसे हम नारियल तोड़ते है तो उसके २ टुकड़े हो जाते है,तो इस मे से एक टुकड़ा लेना है जो बाहरी भाग होता,जो हम खाने मे प्रयोग करते है वह भाग नहीं लेना है॰रात्री मे पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर एक सुरक्षा गोला खिचे वहा पे बैठकर नारियल का सामान्य पूजन करके नारियल का बलि देदे फिर वृक्ष का स्पर्श न करते हुये भी वृक्ष का सामान्य पूजन करे,नारियल के कटोरे के अंदर केवड़े के रस और अनार के कलम से “भूत सिद्धि” यंत्र निर्मित करे,यंत्र का सामान्य पूजन करे और वृक्ष के नीचे ४ लोहे के कील गड़ा दे और उसिपे कटोरे को रखिये फिर कटोरे मे दूध,शक्कर और साबुत चावल डालिये,अब किल्लो के नीचे बबूल का लकड़ी डालकर उन्हे अग्नि से प्रज्वलित करे,यहा आप कह सकते हो के हमे खीर पकानी है और अग्नि का तापमान कम होना चाहिये नहीं तो कटोरा ही टूट जायेगा,यह सारी क्रिया करते समय और खीर बनते समय

॥ ॐ भ्रं भ्रुं भूतनाथाय आगच्छ आगच्छ प्रत्यक्षं दर्शय स्मरण मात्रेन प्रकटय प्रकटय मम शीघ्र कार्य सिद्धिम कुरु कुरु भ्रुं भ्रं फट ॥ 


मंत्र जाप करना है,जैसे जैसे खीर का खुशबू फैलेगा और आपके मंत्र का ध्वनि भी वैसे ही शीघ्रता से आपके सामने भूतो का प्रत्यक्षीकरण होना शुरू हो जायेगा,अब यहा पे तो सब किस्मत का खेल है १ से ४-५ भूत आये तो टिक है नहीं तो खीर को वही वृक्ष मे अर्पित करके वहा से क्षमा मांगकर चले जाये क्यूके अगर १०-१२....२०-२५.........आगये और आपने उन्हे सिद्ध करने का कोशिश किया तो शायद वही आपके जीवन का आखरी समय होगा,इसिलिये आप कुछ तय्यरिया करके साधना को सम्पन्न करे,जब १-२ भूत प्रत्यक्ष हो तो वह आपको खीर मांगेगे तो येसे समय मे आपको बोलना है “आप मेरा कार्य सिद्ध करे तो मै आपको खीर का कुछ अंश दुगा और मै आपको जब स्मरण करुगा तो आपको प्रत्यक्ष होना पड़ेगा” उनके हा बोलतेही आप उन्हे उनको कोई नाम दे दीजिये ताकि उसी नाम से उन्हे स्मरण करने मात्र से वह आपको दर्शन देगे और आपका कार्य सिद्ध करेगे,जब कार्य हो जाये तो उन्हे खीर के १-२ चावल के दाने दे दीजिये,जब साधना मे सफलता मिल जायेगा और आप घर पे वापस आजायेगे तो दुसरे ही दीन आप खीर को धूप मे सुखाये कुछ दिनो तक सुखाने के बाद चावल अलग अलग हो जायेगे तो आप चावल के दाने संभाल के रखे ताकि भविष्य मे आपको लाभ हो,साधना से उठने के बाद सीधा घर पे जाये और पीछे मूड कर ना देखे,आपको बहोत सी आवाज़े आसकती है,आपको उसी स्थान पे वापस लौट ने का आवाहन किया जा सकता है परंतु आप मोह मे ना पड़ते हुये सीधा घर पे लौट जाये.............
साधना मे आवश्यक सामग्री-१ नारियल,गुलाब के पुष्प,केवड़ा रस (इत्र का प्रयोग वर्जित है),४ कील,बबूल का लकड़ी,घी और कपूर (लकड़ी जलाने के लिये),भूत सिद्धि यंत्र(१-५ दिसंबर तक 
आपको प्राप्त हो जायेगा),इतर योनि सुरक्षा कवच(जो आपको सफलता और सुरक्षा प्रदान करे)



दूसरी बात-जो व्यक्ती यह साधना नहीं कर सकते है वह व्यक्ति भूत सिद्धि यंत्र को प्राण-प्रतिष्ठित करके उसे तकिये के नीचे रखकर सो जाये तो स्वप्न मे उन्हे इतर योनिया दर्शन देती है आज तक का यह अनुभव है॰




BHOOT SIDDHI SADHNA


The system has a different speed, it is impossible not only possible to measure the speed, and other similar mechanisms in the area to contact Yonio Day is considered the best "ghost mechanism accomplishment Day" event on 15 December 2013 On the night of the day of the festival is considered auspicious well established, but because of the compulsion to practice to date in this class job seeker still garner took to the practice garner, it spiritual, but a verb This practice also weakens the person's heart does not result otherwise you'll need to face, on the 15th before you take any protective armor or spells proven so in practice aided time of trouble, the practice at most 1 2 hours and the same day of the order of practice before taking any oak tree in the night there, so you could practice concluded, there should not be disturbed on you and you do not there's no one looking, Silence take in solitude, time 12:36 to 11:36 in the night will have all the action in the same time and in the same time would be the manifestation, in practice, does not require a series of safeguards ha, if possible, other vaginal hold you in the throat so you can make a powerful ghost proved, we first take a bowl of coconut coconut pieces are broken, it is 2, then take a bite out of the outer part, which we have used in foodpomegranate juice and the pen "ghost accomplishment" to build instruments, instrument common to worship and give the tree and buried under 4 iron nail Usipe put the cup in the cup milk, add sugar and wholegrain rice, now under Killo Put them to ignite the fire of acacia wood, here you can tell us to cook the pudding and the temperature should be less if not fire bowl will be broken, while the entire process and the time of Heel
Chanting the mantra, such as sweet aroma fills the sound of your mantra just as quickly you will start to be the manifestation of the ghostly, so here is a game of luck on all the ghosts come from 1 4-5 is then tick Not so sweet in the same tree there to offer some excuse to be gone if Kyuke Agye 10-12 .... 20-25 ......... and if you try to prove to them that maybe your life The last time, will you Tyyria Therefore, the practice to conclude, when 1-2 specter Heel ask you directly if he is speaking to you in time, so Yese "If you like my work to prove the pudding and I am a part of Duga When you remember Kruga you have to be direct, "a name they give their ha Boltehi you enter them with the same name to remember them just shelve it and you see your work shall prove, then they should be the task of the pudding 1-2 Please give a grain of rice, and you will find success in the practice back at home Ajayege then dried in the sun for another few days to the poor and you pudding rice after drying, will be different, so you should handle grain of rice in the future you benefit, directly after getting up from meditation mood behind at home and not be seen, you have an extremely small voices Askti, you may be called upon by returning the same location, but you will get it in fascination at home straight to return .............
In practice the necessary material-1 coconut, rose, floral, sisal juice (using perfume is forbidden), 4 wedge, of acacia wood, ghee and camphor (for burning wood), Ghost accomplishment device (1-5 December
You will receive), other vaginal protective shield (to protect you and success)
The second thing is that a person can not cultivate it, he distinguished life ghost accomplishment device may sleep with it under his pillow and in dreams he is a non-Yonia philosophy until today it has experienced.




Aadesh.....


5 Oct 2013

नवरात्रि के प्रयोग


यह प्रयोग दिखने मे साधारण है परंतु पूर्ण प्रभावशाली है,सिर्फ इनमे आपका विश्वास अटूट होना चाहिये क्यूके यह सभी प्रयोग माँ जगदंबा राणी के है जो इस संसार की जगत-जननी है...........

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१>    प्रथम दिवस पे लाल वस्त्र मे अपनी ३ मनोकामना बोलकर ३ लौंग बांधकर माँ के चरनो मे समर्पित करे और “ॐ ह्रीं कामना सिद्ध्यर्थे स्वाहा” का १०-१५ मिनिट तक जाप करे,दूसरे दिन सुबह पवित्र होकर लाल वस्त्र मे देखे कितनी लौंग बची हुयी है,अगर सारी लौंग गायब हो जाए तो समज लीजिये ३ कामनाये पूर्ण होगी,क्रिया का समय है रात्रि मे ११:३६ से ०१:४२ तक..........


२>    द्वितीय दिवस पर एक स्टील के प्लेट मे कुमकुम से स्वस्तिक बनाये और उस प्लेट मे अनार का शुद्ध रस भर दीजिये और वह प्लेट माँ के चरनोमे रखिये साथ मे आरोग्य प्राप्ति की कामना करे,आप चाहे तो किसी दूसरे व्यक्ति विशेष के लिए भी कर सकते है,इस प्रयोग मे अनार के रस को देखते हुये “ॐ ह्रीं आरोग्यवर्धीनी ह्रीं ॐ नम:” का ३० मिनिट तक जाप करना है,दूसरे दिन स्नान करे और फिर अनार के रस से स्नान करे और जल से फिर एक बार शुद्धोदक स्नान करे,किसी  और के लिए कर रहे हो तो उनका स्नान करे,संभव ना हो तो अनार के रस को पीपल के वृक्ष मे चढ़ा दीजिये......प्रयोग का समय शाम को ६:३० से ८ बजे तक......


३>    तृतीय दिवस पर ७ काली मिर्च के दाने लीजिये उसे सर से लेकर पैरो तक ७ बार उतारिये और काले वस्त्र मे बांधकर माँ के चरनो मे समर्पित करे और मंत्र का ३६ मिनिट तक जाप कीजिये “ॐ क्रीं सर्व दोष निवारण कुरु कुरु क्रीं फट”,इस प्रयोग से तंत्र बाधा समाप्त होती है,प्रयोग के बाद दूसरे दिन सुबह काले वस्त्र के पोटली को जल मे प्रवाहित कर दीजिये,साधना का समय रात्रि मे १० बजे से १२:२४ तक रहेगा...........


४>    चतुर्थ दिवस पर लाल वस्त्र मे कुमकुम से स्वस्तिक निकाले और स्वस्तिक पर ९ कमलगट्टे स्थापित करे,उनका पूजन करे,साथ मे २७ मिनिट तक “ॐ श्रीं प्रसीद प्रसीद श्रीयै नमः” मंत्र का जाप करे,समय होगा रात्री मे ७.५५ से १०.५८ तक॰साधना से पूर्व एवं दूसरे दिन माँ को प्रार्थना करे की मेरा जीवन आपकी कृपा से धन-धान्य-सुख-सौभाग्य युक्त हो,और वस्त्र सहित कमलगट्टे जल मे प्रवाहित कर दे........


५>    पंचम दिवस पर पाँच हरी इलायची माँ के चरनो मे समर्पित करे और व्यवसाय वृद्धि की कामना करे,साथ मे श्री सूक्त का ५ बार पाठ करे,और दूसरे दिन इलायची को किसी डिबिया मे संभाल कर रखे तो शीघ्र ही व्यवसाय मे वृद्धि एवं लाभ की प्राप्ति होती हे। साधना समय शाम ६.३० से रात्री ११ बजे तक.........


६>    षष्टम दिवस पर पाँच केले माँ के चरनो मे समर्पित करे और माँ से गुरुकृपा प्राप्ति की कामना करे और ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्री शक्ति सिद्धये नमः” का ४५ मिनिट तक जाप करे॰ साधना का समय दोपहर ४.३० से रात्री मे ९ बजे तक रहेगा। दूसरे दिन केले छोटे बालको मे बाँट दे.....


७>    सप्तम दिवस पर १०८ हरी चूड़िया माँ के चरनो मे समर्पित करे,और माँ से बल,बुद्धि,विद्या एवं सुख प्राप्ति की कामना करे साथ मे “ॐ नमो भगवती जगदंबा सर्वकामना सिद्धि ॐ” का ३२४ बार उच्चारण करे तथा दूसरे दिन १२-१२ चूड़िया ९ कन्याओ मे बाँट दे....साधना का समय रात्री ९ बजे से १.३० बजे तक.......


८>    अष्टम-नवम दिन पर दो समय साधना करनी हैं,१२-१०-२०१३ को सुबह ६ से ७.४७ के शुभ समय पर १०९ लौंग की माला बनाये जिस मे १ लौंग मेरु होगा और इसी माला से “ॐ ७ ४ १ ५ २ ३ ६ ॐ दूं दुर्गायै नमः” इस विशेष अंक मंत्र का १ माला जाप करे, मंत्र का उच्चारण होगा “ॐ सात चार एक पाँच दो तीन छ: ॐ दूं दुर्गायै नमः”,मंत्र जाप के बाद माला को किसी दुर्गा जी के मंदिर जाकर शेर के गले मे पहना दे और अपनी विशेष कामना शेर के कान मे बोल दे या फिर आप माला को जहा कही दुर्गा जी के विग्रह की स्थापना हूई हो वहा भी यह कार्य कर सकते है,माला पहेनाने का समय होगा दोपहर मे ११:३० से १२:३० तक.......


९>    नवमी तिथि को ९ कुँवारी कन्या का पूजन करे और उन्हे उपहार स्वरूप काजल की डिब्बिया अवश्य दे,और ज्यादा से ज्यादा त्रि-शक्ति मंत्र का जाप करे “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ॐ नमः”,कुँवारी कन्या पूजन का समय होगा सुबह ७:४८ से रात्री ६:५७ तक....................


१०>   यह दिवस विजय प्राप्ति का सर्व श्रेष्ठ दिवस है ज्यादा से ज्यादा गुरुमंत्र का जाप करे एवं “ॐ रां रामाय नमः” का जाप करे अवश्य ही आपको जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे पूर्ण विजय प्राप्ति होगी............................






श्री सदगुरुजीचरणार्पनमस्तु............................................................